बिहारशरीफ : जिला न्यायालय के तृतीय एडीजे राजेश कुमार पांडेय ने तेजाब से पत्नी पर हमला करने वाले आरोपित पति मो फयाज अहमद को दोषी पाया है. 27 फरवरी को सजा पर फैसला सुनाया जायेगा. अभियोजन पक्ष से पैनल अधिवक्ता प्रमोद कुमार ने बहस की थी. इस मामले में विधिक सेवा प्राधिकार से पीड़िता आरजू बानो उर्फ आस्मीन परवीन को नि:शुल्क न्याय पाने के लिए वकील तथा मुकदमा खर्च की भी मुहैया कराया गया था. अधिवक्ता प्रमोद कुमार के अनुसार घटना 22 नवंबर, 2013 की सुबह साढ़े चार बजे हुई थी.
आरोपित की बहन से पीड़िता का विवाद हुआ था. उसी आक्रोश में आरोपित ने कमरे में बच्चों के साथ सो रही पीड़िता का दरवाजा तोड़कर तेजाब की बोतल खोलकर उसके चेहरे व शरीर पर डाल दिया था. इससे पीड़िता बुरी तरह झुलस गयी और उसकी दोनों आंखें भी चली गयी थी. इसके बाद पीड़िता को अपने बच्चों के साथ न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ा था.
न्याय मिलने से पीड़िता के मन को शांति मिली है. पीड़िता को कुछ वर्ष पहले मुख्य न्यायाधीश ने विधिक सेवा सदन भवन का उद्घाटन करते हुए मुआवजा देने की घोषणा की थी. मुआवजा का चेक तत्कालीन जिला जज जितेंद्र कुमार ने प्रदान किया था. इस मामले के विचारण के दौरान कुल 13 गवाहों को प्रस्तुत किया गया. इस मामले में पीड़िता के नाबालिग बच्चों ने भी गवाही दी थी.
