Nalanda Malmas Mela:(रामविलास) संपूर्ण धर्मनगरी राजगृह इन दिनों आध्यात्मिक आभा से आलोकित हो उठी है. जिला प्रशासन द्वारा राजकीय मलमास मेला की सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. रविवार की सुबह वैदिक अनुष्ठान, मंत्रोच्चारण, शंखनाद और ध्वजारोहण के साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस ऐतिहासिक मेले का औपचारिक उद्घाटन करेंगे. इसके साथ ही देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए एक महीने तक चलने वाला यह पवित्र मेला विधिवत शुरू हो जाएगा.
फूलों से सजा समारोह स्थल, सुबह से शुरू होंगे धार्मिक अनुष्ठान
मेले के उद्घाटन समारोह को भव्य रूप देने के लिए मुख्य कार्यक्रम स्थल को पूरी तरह वातानुकूलित (AC) बनाया गया है। मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर समारोह स्थल तक को खूबसूरत फूलों से सजाया गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सुबह 06:30 बजे तीर्थ पूजन एवं महाआरती के साथ धार्मिक अनुष्ठान का आरंभ होगा। इसके बाद सुबह 09:00 बजे मुख्य ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न किया जाएगा.
देश के प्रख्यात संतों का जुटेगा समागम
ध्वजारोहण समारोह में सनातन धर्म के प्रख्यात संतों का सान्निध्य राजगीर को मिलने जा रहा है.
समारोह में मुख्य रूप से
अयोध्या से: जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर महाराज
बेगूसराय से: सर्वमंगला अध्यात्म विद्यापीठ के पीठाधीश्वर करपात्री अग्निहोत्री परमहंस स्वामी चिदात्मन् जी महाराज उर्फ ‘फलाहारी बाबा’
इन पूज्य संतों की गरिमामयी उपस्थिति में ब्रह्मकुंड क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय वातावरण और मंत्रोच्चार से गूंज उठेगा.
ये दिग्गज राजनेता और मंत्री होंगे शामिल
राजकीय मलमास मेला के विधिवत उद्घाटन के अवसर पर बिहार सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे
अतिविशिष्ट अतिथि: उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी एवं उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव.
विशिष्ट अतिथि: ग्रामीण विकास सह सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार, सांसद कौशलेन्द्र कुमार, विधायक कौशल किशोर, विधान पार्षद रीना यादव और नगर परिषद राजगीर की सभापति जीरो देवी.
इसके साथ ही जिला प्रशासन के आला अधिकारी और राजगीर-तपोवन तीर्थ रक्षार्थ पंडा कमिटी के पदाधिकारी भी इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनेंगे.
शाम को होगी भव्य गंगा महाआरती
पंडा कमिटी के प्रवक्ता सुधीर कुमार उपाध्याय ने बताया कि उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लक्ष्मीनारायण मंदिर एवं सप्तधारा परिसर में ध्वज पूजन करेंगे और ब्रह्मकुंड क्षेत्र में विशेष पूजा-अर्चना भी करेंगे. वहीं, रविवार की शाम को सरस्वती कुंड परिसर में ‘संध्या गंगा महाआरती’ का भव्य आयोजन किया जाना है, जो श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगी. मलमास मेले के इस आगाज के साथ ही राजगीर सनातन आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा के सबसे बड़े महासंगम में तब्दील होने के लिए तैयार है.
