पुलिस पाठशाला के 150 बच्चे व उनके माता- पिता का बनेगा आयुष्मान कार्ड

पुलिस पाठशाला के 150 बच्चे व उनके माता- पिता का बनेगा आयुष्मान कार्ड

: नया सवेरा अभियान के तहत पुलिस ने की पहल

: कन्हौली टीओपी में लगाया जाएगा स्वास्थ्य कैंप

: रेड लाइट एरिया व गरीब परिवार को मिलेगी मदद

संवाददाता, मुजफ्फरपुर

“नया सवेरा ” अभियान के तहत जिला पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल की है, जिससे पुलिस पाठशाला के 150 बच्चों और उनके माता-पिता को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलेगा. इस कदम से वंचित और गरीब परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेगी. यह पहल सामुदायिक पुलिसिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो समाज के सबसे कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रहा है.

पुलिस पाठशाला में अधिकांश रेड लाइट एरिया व स्लम इलाके के बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं. उनके परिवार के लिए यह एक बड़ी राहत है. इन बच्चों और उनके अभिभावकों को अब स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों के लिए निजी अस्पतालों की महंगी फीस या चिकित्सा खर्चों के बोझ का डर नहीं सताएगा. आयुष्मान कार्ड के माध्यम से, ये परिवार सूचीबद्ध अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उनकी आर्थिक बोझ कम होगा और वे बेहतर जीवन जी सकेंगे. नगर थानेदार शरत कुमार ने कैंप लगाने के लिए सदर अस्पताल के अधिकारियों से बातचीत की है.

कन्हौली टीओपी में लगेगा विशेष स्वास्थ्य कैंप

इस पहल को अमली जामा पहनाने के लिए कन्हौली टीओपी में एक विशेष स्वास्थ्य कैंप का आयोजन किया जाएगा. इस कैंप में, पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. पुलिसकर्मी और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रक्रिया सुचारू रूप से चले और कोई भी योग्य परिवार इस अवसर से वंचित न रहे. यह कैंप उन लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगा जिन्हें सामान्य रूप से सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने में या लंबी कतारों में खड़े होने में कठिनाई होती है.

रेड लाइट एरिया और गरीब परिवारों पर विशेष ध्यान

यह अभियान विशेष रूप से रेड लाइट एरिया और आसपास के गरीब परिवारों को ध्यान में रखकर शुरू किया गया है. ये वे क्षेत्र हैं जहां अक्सर मूलभूत सुविधाओं, विशेषकर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच की कमी होती है. पुलिस का यह “नया सवेरा ” अभियान सिर्फ शिक्षा ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित कर इन परिवारों के जीवन में एक सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास है. यह दर्शाता है कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक कल्याण में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है. इस पहल से न केवल बच्चों का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि उनके माता-पिता को भी बीमारियों से लड़ने के लिए एक मजबूत सहारा मिलेगा. यह वास्तव में एक नया सवेरा है जो इन परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आया है.

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Author: CHANDAN

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