'क्राइम का अनोखा सिंडिकेट': दादा, पिता और पोता मिलकर बेच रहे थे जहर, तीन पीढ़ियों का धंधा बेनकाब

मुजफ्फरपुर में नशीले पदार्थों के एक अनोखे पारिवारिक सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें दादा, पिता और पोता मिलकर शहर के युवाओं को नशे का शिकार बना रहे थे. पुलिस ने 19 वर्षीय पोते को 1000 पुड़िया स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है.

NDPS Act Muzaffarpur: मुजफ्फरपुर जिला के मिठनपुरा पुलिस द्वारा कालीबाड़ी रोड में की गई छापेमारी में नशीले पदार्थों के एक ऐसे चौंकाने वाले पारिवारिक सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जिसे सुनकर पुलिस अधिकारी भी हैरान हैं. कालीबारी रोड के पास से पकड़ी गई 1000 पुड़िया (367.5 ग्राम) स्मैक के इस काले कारोबार में कोई बाहरी गैंग नहीं, बल्कि एक ही परिवार की तीन पीढ़ियां दादा, पिता और पोता एक साथ मिलकर शहर के युवाओं की नस में नशा घोलने का धंधा कर रहे थे.पुलिस ने मौके से 19 वर्षीय पोते राहुल कुमार को भारी मात्रा में स्मैक, इलेक्ट्रॉनिक तराजू और स्मार्टफोन के साथ दबोच लिया है. वहीं इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड और राहुल का दादा शिवशंकर शर्मा (64 वर्ष) अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा. इस रैकेट में शामिल राहुल का पिता ओमप्रकाश शर्मा भी पुलिस के रडार पर है.

थोक में आता था माल, झोपड़ी में बनती थी पुड़िया

गिरफ्तार आरोपी पोते राहुल कुमार ने पुलिस की पूछताछ में इस खौफनाक पारिवारिक चेन का पूरा सच उगल दिया है. राहुल के मुताबिक, वे तीनों मिलकर थोक के भाव में स्मैक की बड़ी खेप खरीदकर लाते थे. इसके बाद कालीबाड़ी रोड स्थित फील्ड के पास बनी झोपड़ी को इन्होंने अपना सेफ हाउस और गोदाम बना रखा था. इस झोपड़ी में दादा शिवशंकर शर्मा और पिता ओमप्रकाश शर्मा की देखरेख में स्मैक को छोटी-छोटी पुड़िया में पैक किया जाता था.

पॉकेट से लेकर बिस्तर तक छिपा था नशा

छापेमारी के दौरान पुलिस ने जब मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में राहुल की तलाशी ली, तो उसकी पैंट की दोनों जेबों से 50-50 पुड़िया बरामद हुईं. इसके बाद जब झोपड़ी के अंदर बिछी चौकी के बिस्तर को खंगाला गया, तो पुलिस की आंखें फटी रह गईं. बिस्तर के नीचे भारी मात्रा में रखी 900 पुड़िया स्मैक और तौलने के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू छुपाकर रखा गया था.


शहर के चौक-चौराहों पर पोता करता था रिटेल डिलीवरी

पूछताछ में यह भी साफ हुआ है कि इस सिंडिकेट में तीनों का काम बंटा हुआ था. उम्रदराज होने के कारण दादा और पिता बैकएंड संभालते थे और माल की री-पैकेजिंग करते थे. वहीं 19 साल का पोता राहुल कुमार इस तैयार माल को अपनी उम्र के लड़कों और शहर के विभिन्न चौक-चौराहों व गलियों में रिटेल में सप्लाई करने का काम करता था. सोमवार की रात भी वह अपने दादा से 100 पुड़िया स्मैक लेकर ग्राहकों को सप्लाई करने निकला था, तभी मिठनपुरा पुलिस के हत्थे चढ़ गया.


पूरे सिंडिकेट को खत्म करने में जुटी पुलिस

मिठनपुरा थाना में इस मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गयी है. जिसमें एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं. केस के अनुसंधानकर्ता दारोगा पंकज कुमार ने बताया कि इस सिंडिकेट के बाकी दो दादा और पिता की गिरफ्तारी के लिए उनके घर पर भी छापेमारी की गई, लेकिन घर के लोग फरार हैं. पुलिस का कहना है कि यह शहर का बेहद गंभीर मामला है जहां पूरा परिवार ही ड्रग पेडलिंग में शामिल है. जल्द ही फरार आरोपियों को दबोच लिया जाएगा.


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Published by: Sumit Kumar

सुमित पत्रकारिता में पिछले 4 वर्षों से सक्रिय। प्रभात खबर के प्रिंट मीडिया के साथ काम करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम से जुड़े हुए हैं। क्राइम, हाईपरलोकल, स्वास्थ्य विभाग व राजनीतिक रिपोर्टिंग में विशेष रुचि और अनुभव रखते हैं। क्षेत्रीय मुद्दों और जनसरोकार की खबरों को सशक्त तरीके से उठाने के लिए जाने जाते हैं।

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