बिना बलिदानों के होता नही आजादी का जयघोष

बिना बलिदानों के होता नही आजादी का जयघोष

अयोध्या प्रसाद खत्री साहित्यिक सेवा संस्थान ने की कवि-गोष्ठी मुजफ्फरपुर. बाबू अयोध्या प्रसाद खत्री साहित्यिक सेवा संस्थान ने रविवार को गोला रोड स्थित श्री गांधी पुस्तकालय में कवि-गोष्ठी आयोजित की. अध्यक्षता उदय नारायण सिंह और मंच संचालन डाॅ नर्मदेश्वर मुजफ्फरपुरी ने किया. इस मौके पर डॉ आलोक कुमार अभिषेक ने अंग्रेजों की हिंसा से प्रतिहिंसा के सत्य पथ थे खुदीराम बोस, बिना बलिदानों के होता नहीं अहिंसा से आजादी का जय घोष कविता से कार्यक्रम का आगाज किया. नरेद्र मिश्र ने मां मैं चला जग छोड़कर और डॉ सिबगतुल्लाह हमीदी ने हुस्न का जलवा दिखाना चाहिए, चांद को बस मुस्कराना चाहिए गजल सुना कर लोगों की तालियां बटोरी. उमेश राज ने नफरतों के बाजार में मुहब्बत का जुबां खोल यारो कविता से सराहना ली. डॉ नर्मदेश्वर मुजफ्फरपुरी ने मुल्क ने कितने करीना से सजाई है गजल, एक मुफलिस के पसीने की कमाई है गजल सुना कर लोगों की वाहवाही ली. इस मौके पर सत्येंद्र सत्यम, उदय नारायण सिंह, जगदीश शर्मा, अरुण तुलसी व नरेंद्र मिश्र की कविताएं भी सराही गयी.

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