यूके और चाड में फैल रही हिंदी की मिठास, हो रहा साहित्य सृजन

The sweetness of Hindi is spreading in UK and Chad

आंच हिंदी इ-साहित्यिक पत्रिका ने किया ऑनलाइन हिंदी समारोह चाड से जुड़े एडम इदरीस ने कहा, आंच पत्रिका से युवा पढ़ रहे साहित्य उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर हिंदी दिवस पर रविवार को आंच हिंदी इ-साहित्यिक पत्रिका की ओर से ऑनलाइन ग्लोबल हिंदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया. इसमें देश के अलावा विदेशों से कई साहित्य प्रेमी जुड़े और अपनी बात रखी. यूके के वरीय सर्जन और कवि डॉ कृष्ण कन्हैया ने यूके में हिंदी के प्रचार-प्रसार को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि यहां छोटे और बडों के लिए हिंदी क्लब है, जिसकी मासिक बैठक होती है और हिंदी भाषी लोगों को साहित्य सृजन के लिये प्रेरित किया जाता है. डॉ कृष्ण कन्हैया ने कई मुक्तक भी सुनाएं. मध्य अफ्रीका के चाड निवासी एडम इदरीस ने अपने देश में हिंदी के प्रचार के लिए पिछले 20 वर्षों से किये जा रहे कार्यों को बताया. एडम इदरीस ने कहा कि उनके प्रयास से वहां याराना एसोसिएशन बना और पिछले 20 वर्षों में अब तक दस हजार से भी अधिक लोग हिंदी सीख चुके हैं. उनके इस प्रयास के कारण वर्ष 2015 में भोपाल में आयोजित विश्व हिंदी सम्मेलन में उन्हें केंद्र सरकार ने सम्मानित किया. चाड देश के युवाओं में आंच वेब पत्रिका लोकप्रिय है. पत्रिका से हिंदी साहित्य के प्रति युवाओं में रुचि जगी है. पत्रिका की संपादक डॉ भावना ने कहा कि हिंदी आज सिर्फ भारत की भाषा नहीं है. कई दूसरे देशों के लोग भी हिंदी से प्रेम करते हैं और इसके प्रचार-प्रसार में लगे हुए हैं. इसका कारण हिंदी की मिठास और आत्मीयता है. इस मौके पर तेलांगना से हेमा बहेल, उत्तराखंड से प्रेम प्रकाश उपाध्याय, चांदनी समर, जियाउर रहमान जाफरी, सविता राज, सागर श्री सहित अन्य कवियों ने रचनाएं प्रस्तुत की.

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By Vinay Kumar

I am working as a deputy chief reporter at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on political, social, and current topics.

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