सप्तक्रांति पर चला पत्थर, इमरजेंसी खिड़की का शीशा टूटा

आनंद विहार दिल्ली से मुजफ्फरपुर आ रही सप्तक्रांति एक्सप्रेस (12558) पर बीते बुधवार की रात असामाजिक तत्त्वों ने पथराव कर दिया.

दीपक 17

बी-1 कोच में दो खिड़की का शीशा क्षतिग्रस्त

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

आनंद विहार दिल्ली से मुजफ्फरपुर आ रही सप्तक्रांति एक्सप्रेस (12558) पर बीते बुधवार की रात असामाजिक तत्त्वों ने पथराव कर दिया. इसमें बी-1कोच की इमरजेंसी खिड़की का शीशा टूट गया, जबकि बगल की खिड़की पर भी निशान आ गये हैं. अचानक हुए इस हमले से ट्रेन में सवार यात्री घबरा गये. शीशे से अंदर हवा आने लगी. आवाजें भी अजीब तरह की आने लगीं और यात्रियों में भय का माहौल बन गया. यह घटना देर रात की होने से शुरुआत में किसी को यह पता नहीं चल पाया कि इमरजेंसी खिड़की का शीशा कैसे टूटा. हालांकि, जब ट्रेन बीच रास्ते में रुकी और यात्रियों ने बाहर जाकर देखा, तो इमरजेंसी खिड़की के बगल वाली खिड़की पर भी पत्थर के निशान स्पष्ट दिख रहे थे.

लखनऊ से पहले बदला गया शीशा

यात्री मनोहर गुप्ता ने इस घटना के बाद ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाये. उन्होंने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर रेलमंत्री व रेलवे के उच्चाधिकारियों से शिकायत की. मामले की गंभीरता को देखते हुए सोनपुर डीआरएम ने तुरंत संज्ञान लिया. ट्रेन के लखनऊ पहुंचने से पहले ही किसी स्टेशन पर टूटे हुए शीशे को बदल दिया गया. कोच अटेंडेंट ने बदले हुए शीशे की तस्वीर सोनपुर डीआरएम को भेजकर इसकी पुष्टि की. दिल्ली से अपने निर्धारित समय पर रवाना हुई सप्तक्रांति एक्सप्रेस लखनऊ से करीब एक घंटे की देरी से चली.

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Published by: Lalitansoo

ललितांशु, पत्रकारिता के क्षेत्र में बीते 16 वर्षों से सक्रिय ललितांशु के लिए 'पॉजिटिव खबरों' को चुनना और उन्हें समाज के सामने लाना प्राथमिकता और जुनून रहा है. रेल और सोशल मीडिया से जुड़ी खबरों से इनका अधिक जुड़ाव है.

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