गंडक नदी का रेवा घाट पुल बना सुसाइड पॉइंट, एक हफ्ते में सात लोगों ने लगाई छलांग

सारण और मुजफ्फरपुर को जोड़ने वाला गंडक नदी पर बना रेवा घाट पुल इन दिनों मौत का कुआं बनता जा रहा है. पिछले एक हफ्ते में सात लोगों ने इस पुल से छलांग लगाई है. एसडीआरएफ और स्थानीय लोगों की मदद से दो को बचाया गया, लेकिन बाकी की तलाश जारी है.

Rewa Ghat Bridge Suicide Point: सारण और मुजफ्फरपुर जिले को जोड़ने वाली गंडक नदी पर बना ऐतिहासिक दरोगा राय सेतु (रेवा घाट पुल) बीते एक माह से खौफनाक सुसाइड प्वाइंट बनता जा रहा है. पिछले महज एक सप्ताह के भीतर सात लोग इस ऊंचे पुल से उफनती नदी में छलांग लगा चुके हैं. हालांकि एसडीआरएफ (SDRF) की मुस्तैद टीम और स्थानीय मल्लाहों के कड़े संघर्ष की बदौलत दो लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया. शेष मामलों में नदी के तेज बहाव के कारण शवों को तलाशने में कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है.

Muzaffarpur Bridge: एसडीआरएफ ने नाव दौड़ाकर बचाई युवक की जान

गुरुवार की दोपहर भी एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब जैतपुर थाना क्षेत्र के कोलवारा निवासी रूपेश सिंह के पुत्र रोहित सिंह ने अपनी बाइक पुल पर खड़ी की और अचानक उफनती गंडक में कूद गया. गनीमत रही कि उस वक्त तरैया के टीकमपुर निवासी सचिन के शव की खोजबीन में जुटी एसडीआरएफ और मकेर-परसा पुलिस की टीम पुल के नीचे ही मौजूद थी. युवक को छलांग लगाते देख जवानों ने पलक झपकत ही मोटरबोट उसके पीछे दौड़ा दी और बहते हुए युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.

लगातार बढ़ रही हैं आत्महत्या की घटनाएं

बचाए गए युवक के परिजनों का कहना है कि उसने घरेलू विवाद की मामूली बात पर यह आत्मघाती कदम उठाया था. इससे पहले बुधवार को भी एक किशोर पुल की रेलिंग पर चढ़कर छलांग लगाने ही वाला था, जिसे गश्त कर रही पुलिस टीम ने सूझबूझ से सुरक्षित बचा लिया था. एक के बाद एक लगातार हो रही इन घटनाओं से पुल से गुजरने वाले आम राहगीरों और आसपास के ग्रामीणों में गहरा खौफ और चिंता व्याप्त है.

सुरक्षा जाली और स्थायी टीम की उठी मांग

लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए पारू विधायक शंकर प्रसाद ने जिला प्रशासन को पत्र लिखा है. उन्होंने मांग की है कि हादसे और खुदकुशी रोकने के लिए पुल की दोनों रेलिंग पर पर्याप्त ऊंचाई तक लोहे की जाली लगाई जाए तथा पुल पर 24 घंटे पुलिस गश्त सुनिश्चित हो. वहीं स्थानीय पूर्व मुखिया प्रतिनिधि अजय सिंह, गणिनाथ सहनी सहित ग्रामीणों ने मांग की है कि बाढ़ और बारिश के दौरान बढ़े जलस्तर को देखते हुए पुल के नीचे एसडीआरएफ की एक टीम स्थायी रूप से तैनात रहे.

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By शिवेंद्र कुमार

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