जैतपुर स्थित श्री राघव प्रसाद सिंह महाविद्यालय परिसर में राष्ट्रीय सेवा योजना के बैनर तले शनिवार को प्राचार्य डॉ राकेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में ” भारतीय ज्ञान परंपरा और डॉ भीम राव अंबेडकर ” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया.मौके पर मुख्य वक्ता बीआरएबीयू के कला संकाय के निरीक्षक डॉ राजीव कुमार ने कहा कि संविधान निर्माता डॉ भीम राव अंबेडकर ने जो संवैधानिक मूल्य ग्रहण किया,वे भारतीय ज्ञान परंपरा के विरासत में पहले से उपस्थित थे.स्वतंत्रता और बंधुता जैसे मूल्य अष्टावक्र के संहिता में ढूंढा जा सकता है.न्याय जैसे मूल्य यज्ञ युधिष्ठिर जैसे संवाद में निहित है.जिस समावेशी समाज की स्थापना की चाहत डॉ आंबेडकर ने किया था,उसका प्रस्थान बिंदु भारतीय ज्ञान परंपरा के आदि साहित्य में रहे है.मौके पर डॉ अर्चना प्रियदर्शी, डॉ रूपम कुमारी, डॉ महताब आलम व योगेंद्र सिंह ने विषयांकित विषय पर अपना विचार रखा.कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ बिनोद आजाद ने किया.मौके पर एनएसएस के छात्र छात्राएं और महाविद्यालय के कर्मी उपस्थित थे.
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