उपन्यास को फिल्म में रूपांतरित करना चुनौतीपूर्ण कला : सरकार

आरडीएस कॉलेज में एडॉप्टेशन ऑफ नाॅवेल इनटू फिल्म विषय पर संगोष्ठी

मुजफ्फरपुर. रामदयालु सिंह महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग व आइक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में एडॉप्टेशन ऑफ नाॅवेल इनटू फिल्म विषय पर संगोष्ठी आयोजित हुई. मुख्य वक्ता नीतीश्वर कॉलेज के डॉ सौम्य सरकार ने कहा कि जब नाॅवेल को फिल्माया जाता है तो लेखक और पाठक दोनों परिवर्तन व समावेश देखकर अवाक रह जाते हैं. उपन्यास को फिल्म के माध्यम में परिवर्तित करते समय मूल स्रोत से छेड़छाड़ कर दी जाती है. नाॅवेल की मूल कहानी, भावना व आत्मा का परिवर्तित रूप फिल्म में दिखायी पड़ता है. मनोरंजन व व्यवसायीकरण के हावी होने से उपन्यास का मूल तत्व गायब हो जाता है. अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ नीलिमा झा ने कहा कि उपन्यास को फिल्म में रूपांतरित करते वक्त मूल स्रोत के प्रति सजग रहना होगा तभी उपन्यास की आत्मा बचेगी. उपन्यास का फिल्मांकन करते वक्त चित्र, संगीत, ध्वनि व रंग के संयोजन पर भी वास्तविक रूप से ध्यान देना होता है. सेमिनार में डॉ संजय सुमन, डॉ आरएन ओझा, डॉ रमेश प्रसाद गुप्ता, डॉ एमएन रजवी, डॉ रजनीकांत पांडेय, डॉ राजीव, डॉ नीरज मिश्रा समेत अन्य प्राध्यापक मौजूद थे. मंच संचालन डॉ हसन रजा व धन्यवाद ज्ञापन डॉ प्रियंका दीक्षित ने किया.

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By Prabhat Khabar News Desk

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