भारतीय रेल के समस्तीपुर मंडल ने परिचालन सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. बुधवार को मंडल में 140 टन क्षमता वाली अत्याधुनिक गॉटवाल्ड डीएचबीडी क्रेन की सफल कमीशनिंग की गई.
यह कार्य जमालपुर की विशेषज्ञ टीम और समस्तीपुर मंडल के तकनीकी कर्मचारियों के संयुक्त प्रयास से पूरा किया गया. कमीशनिंग के दौरान क्रेन के सभी प्रमुख सिस्टम का परीक्षण किया गया और इसे संचालन के लिए पूरी तरह उपयुक्त घोषित किया गया.
38 टन वजनी कोच उठाकर दिखायी क्षमता
ट्रायल के दौरान क्रेन ने 38.03 टन वजनी आईसीएफ कोच को सफलतापूर्वक उठाकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया. इसके अलावा मैच ट्रक को उठाने और 180 डिग्री तक घुमाने का परीक्षण भी सफल रहा.
जांच के दौरान मुख्य और सहायक इंजन, हाइड्रोलिक सिस्टम, वायर रोप और अन्य तकनीकी हिस्सों की बारीकी से जांच की गई. प्रारंभिक निरीक्षण में मिली मामूली हाइड्रोलिक और न्यूमैटिक लीकेज को भी तुरंत ठीक कर लिया गया.
आधुनिक सुरक्षा तकनीक से लैस
यह हाईटेक क्रेन आधुनिक सेफ लोड इंडिकेटर (एसएलआई) प्रणाली से लैस है, जिसे एचएमएम हाईटेक ने विकसित किया है. यह तकनीक भारी वजन उठाने के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करती है.
इसके अलावा इंजन जांच, वायर रोप की सफाई और ग्रीसिंग जैसे मेंटेनेंस कार्य भी क्यूमिन्स की तकनीकी सहायता से पूरे किए गए.
रेल हादसों में मिलेगी बड़ी मदद
डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा ने कहा कि गॉटवाल्ड डीएचबीडी क्रेन भारतीय रेल में भारी दुर्घटना राहत कार्यों के लिए इस्तेमाल होने वाली अत्याधुनिक और विश्वसनीय मशीन है.
उन्होंने बताया कि इस क्रेन के समस्तीपुर मंडल में उपलब्ध होने से रेल दुर्घटना या डिरेलमेंट की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से किए जा सकेंगे. इससे ट्रेनों का परिचालन जल्द बहाल होगा और भारी कोचों एवं वैगनों के रखरखाव में भी सुविधा मिलेगी.
मंडल स्तर पर होगा मेंटेनेंस
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में इस क्रेन का वार्षिक अनुरक्षण कार्य भी मंडल स्तर पर ही किया जाएगा. इससे समय और संसाधनों की बचत होगी तथा आपात स्थिति में तत्काल उपयोग संभव हो सकेगा.
मुजफ्फरपुर से ललितांशु की रिपोर्ट
