टैक्सपेयर्स की जेब पर डकैती और कागजों पर चमका शहर: सड़कों पर नर्क, रामदयालु और गन्नीपुर में गढ़्ढों में गुम हुआ 'विकास'

मुजफ्फरपुर की रामदयालु स्टेशन और गन्नीपुर रोड की हालत बेहद खराब है। गड्ढों और कीचड़ से भरी इन सड़कों पर चलना जान जोखिम में डालने जैसा है। प्रशासन मौन है।

Muzaffarpur Smart City: 'जनता भरे टैक्स का भारी-भरकम बोझ और बदले में पाए घटिया सिस्टम का खौफनाक नर्क!' — स्मार्ट सिटी के बड़े-बड़े विज्ञापनों के पीछे छिप चुकी मुजफ्फरपुर की यह वो कड़वी सच्चाई है, जो आज हर आम नागरिक के दिल को छलनी कर रही है. रामदयालु स्टेशन रोड और गन्नीपुर-यूनिवर्सिटी प्रेस मार्ग की जर्जर हालत सिर्फ सड़कों का टूटना नहीं, बल्कि नगर निगम की संवेदनहीनता और प्रशासनिक लाचारी का जीता-जागता सबूत है. कहीं जानलेवा गड्ढे राहगीरों की हड्डियों को तोड़ रहे हैं, तो कहीं हवा में उड़ता जहरीला धूल फेफड़ों में जहर घोल रहा है. एसी कमरों में बैठकर विकास का ढिंढोरा पीटने वाले अफसरों से अब जनता सीधे सवाल पूछ रही है कि आखिर उनकी गाढ़ी कमाई के टैक्स का हिसाब कौन देगा.


रामदयालु स्टेशन रोड: नगर निगम के 100 मीटर हिस्से में 'नर्क'

हाजीपुर-रामदयालु नगर मेन रोड से स्टेशन को जोड़ने वाली लगभग 500 मीटर सड़क में 100 मीटर हिस्सा नगर निगम के अधीन आता है.

  • निगम के हिस्से वाली शुरुआती 100 मीटर सड़क में गड्ढे इतने गहरे हैं कि सड़क का अस्तित्व ही नजर नहीं आता.
  • बारिश के दिनों में यह मार्ग जलभराव के कारण स्विमिंग पूल में तब्दील हो जाता है.
  • अगले हफ्ते से इसी रास्ते से हजारों कांवरियों की आवाजाही शुरू होने वाली है, जिससे स्थिति और विकट हो सकती है.

गन्नीपुर-यूनिवर्सिटी प्रेस रोड: उड़ती धूल और नदारद नाले से आफत

होम फॉर दी होमलेस स्कूल के पास से यूनिवर्सिटी प्रेस होते हुए गन्नीपुर जाने वाली सड़क की स्थिति भी बेहद खस्ताहाल है.

  • सड़क से पक्की परत पूरी तरह गायब हो चुकी है, बची हैं तो बस उखड़ी गिट्टियां और हवा में उड़ती जहरीली धूल.
  • नाले का निर्माण न होने से जल निकासी की गंभीर समस्या बनी हुई है.
  • रोजाना हजारों छात्र, मरीज और आम नागरिक इस बदहाल रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं.

अविलंब मरम्मत और पक्के नाले की दरकार

इन दोनों सड़कों पर सिर्फ पैचवर्क से काम चलने वाला नहीं है. दोनों प्रमुख मार्गों की तत्काल मरम्मत, नाला निर्माण और नए सिरे से ढलाई बेहद जरूरी है.

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लेखक के बारे में

By देवेश कुमार

पत्रकारिता के क्षेत्र में देवेश को 17 वर्षों का अनुभव है. उच्च शिक्षा, जमीन रजिस्ट्री, नगर निगम की कार्यप्रणाली और स्मार्ट सिटी विकास जैसे विषयों पर इनका विशेष लेखन है. राजनीतिक और सामाजिक समसामयिक मुद्दों के साथ-साथ खोजी पत्रकारिता और ब्रेकिंग न्यूज कवरेज में ये सक्रिय हैं. तथ्यपरक, प्रभावी और जन सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग इनकी प्रमुख पहचान है.

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