अनुशासन से ही शिक्षण संस्थानों में रोकी जा सकती है रैगिंग

अनुशासन से ही शिक्षण संस्थानों में रोकी जा सकती है रैगिंग

एलएनटी कॉलेज में एंटी रैगिंग विषय पर हुई संगोष्ठी मुजफ्फरपुर. ललित नारायण तिरहुत महाविद्यालय में एंटी रैगिंग सेल के तत्वावधान में शैक्षणिक संस्थानों में एंटी रैगिंग सेल की प्रासंगिकता विषय पर संगोष्ठी हुई. बतौर मुख्य अतिथि अध्यक्ष छात्र कल्याण डॉ आलोक प्रताप सिंह व विशिष्ट अतिथि विवि की एंटी रैगिंग सेल की समन्वयक डॉ अमिता शर्मा उपस्थित थीं. अध्यक्षता प्राचार्य डॉ अभय सिंह ने की. उन्होंने पौधे व अंग वस्त्र देकर अतिथियों का स्वागत किया. प्राचार्य ने कहा कि छात्रों को अपने अग्रजों व अनुजों के साथ मित्रवत व्यवहार करना चाहिए. किसी भी समस्या को खुलकर शैक्षणिक संस्थाओं के मुख्य पदाधिकारी या प्राचार्य से बताना चाहिए. डॉ आलोक ने कहा कि अनुशासन से ही रैगिंग रोका जा सकती है. रैगिंग एक प्रकार की मनोवृत्ति है, जो हमारे व्यवहार में दुर��गुण के रूप में प्रवेश करती है. हमें व्यवहार कुशल बनने का प्रयास करना चाहिए. डॉ अमिता ने कहा कि मौजूदा वक्त में छात्राओं को अत्यधिक उन्मुक्त होकर अच्छा ग्रहण करने के लिए रास्ते में आने वाली बाधाओं से परिचित होना चाहिए. संवाद कायम कर ही रैगिंग की समाप्ति की जा सकती है. एक खुशनुमा माहौल में हमें शैक्षणिक संस्थाओं को पढ़ने-पढ़ाने व शोध की दृष्टि से उपयोग करना चाहिए. संचालन चितरंजन कुमार व धन्यवाद डॉ जितेंद्र मिश्रा ने किया. कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी शिक्षक व कर्मचारी मौजूद रहे.

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Published by: Prabhat khabar news desk

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