वृद्धाश्रम और जीविका दीदी की रसोई खोलने में ”टालमटोल”, शो कॉज

‘Procrastination’ in opening old age home

वरीय संवाददाता, मुजफ्

फरपुर

नगर निगम मुजफ्फरपुर की महत्वाकांक्षी योजनाएं – वृद्धाश्रम का निर्माण और जीविका दीदी की रसोई का संचालन – लंबे समय से अधर में लटकी हुई हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि इन दोनों ही महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए अग्रिम राशि का भुगतान भी किया जा चुका है, बावजूद इसके धरातल पर कोई प्रगति नहीं दिख रही है.

लापरवाही पर नगर आयुक्त का सख्त रुख : यह लापरवाही हाल ही में हुई एक आंतरिक समीक्षा बैठक में उजागर हुई, जिसके बाद नगर आयुक्त विक्रम विरकर ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों को कारण बताओ नोटिस (शो कॉज) जारी किया है.

जीविका दीदी की रसोई भी अधर में : नगर निगम की वृद्धाश्रम परियोजना, जिसके लिए सरकार से विशेष फंड भी प्राप्त हुआ है, लंबित है. इसके अतिरिक्त, निगम परिसर में ही जीविका दीदी की रसोई खोलने की योजना भी अधर में लटकी हुई है. यह स्थिति तब है जब लगभग छह महीने पहले जीविका बिहार के सीईओ हिमांशु शर्मा ने मुजफ्फरपुर का दौरा किया था. उस समय उन्होंने नगर निगम पहुंचकर महापौर और उपमहापौर से मुलाकात के बाद निगम कैंपस में जीविका दीदी की रसोई खोलने की सार्वजनिक घोषणा की थी. इस घोषणा के बाद कागजी कार्रवाई भी शुरू हुई, लेकिन अब तक यह योजना जमीन पर नहीं उतर पाई है.

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Published by: Devesh kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में देवेश को 17 वर्षों का अनुभव है. उच्च शिक्षा, जमीन रजिस्ट्री, नगर निगम की कार्यप्रणाली और स्मार्ट सिटी विकास जैसे विषयों पर इनका विशेष लेखन है. राजनीतिक और सामाजिक समसामयिक मुद्दों के साथ-साथ खोजी पत्रकारिता और ब्रेकिंग न्यूज कवरेज में ये सक्रिय हैं. तथ्यपरक, प्रभावी और जन सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग इनकी प्रमुख पहचान है.

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