Muzaffarpur News: कर्मचारी विरोधी नीतियों, जबरन लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली और निजीकरण के प्रयासों के विरोध में भारतीय डाक कर्मचारी महासंघ (बीपीईएफ) एवं इससे संबद्ध यूनियनों ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन की शुरुआत कर दी है. आंदोलन के प्रथम चरण के तहत 27 जुलाई तक मुजफ्फरपुर सहित देशभर के सभी डाक कर्मचारी काली पट्टी बांधकर अपना विरोध जताते हुए सामान्य रूप से ड्यूटी कर रहे हैं.
मुजफ्फरपुर मंडल और आरएमएस कार्यालयों में दिखा विरोध का असर
इसी क्रम में मुजफ्फरपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले सभी मुख्य डाकघरों, उपडाकघरों और आरएमएस (RMS) कार्यालयों के कर्मचारियों ने भी अपने हाथों में काली पट्टी बांधकर काम किया और विभाग की नीतियों के प्रति अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया. कर्मचारियों का कहना है कि विभाग द्वारा थोपी जा रही अनुचित नीतियों और निजीकरण की ओर बढ़ाए जा रहे कदमों से कर्मियों का भारी मानसिक उत्पीड़न हो रहा है.
28 जुलाई को मंडलीय कार्यालयों पर गेट मीटिंग और प्रदर्शन
संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि 27 जुलाई तक काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराने के बाद आंदोलन के दूसरे चरण में 28 जुलाई को सभी मंडलीय कार्यालयों के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा. इस दौरान गेट मीटिंग आयोजित कर आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी और प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा.
मांगें न मानी गईं तो 5 अगस्त से उग्र आंदोलन की चेतावनी
कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस दौरान सरकार और डाक विभाग द्वारा कर्मचारियों की जायज मांगों पर कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो 5 अगस्त को इस आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा. कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाते हुए कहा कि अपने अधिकारों और डाक व्यवस्था के अस्तित्व को बचाने के लिए यह चरणबद्ध आंदोलन मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा.
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