गोविंद शर्मा हत्याकांड में पटना हाईकोर्ट का सख्त रुख: आरोपित रणंजय ओंकार की नियमित जमानत याचिका खारिज

शूटर गोविंद शर्मा हत्याकांड के मुख्य आरोपित रणंजय ओंकार को पटना हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. अदालत ने अपराध की प्रकृति को देखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी है.

हाईकोर्ट जमानत मुजफ्फरपुर: शहर के बहुचर्चित शूटर गोविंद शर्मा हत्याकांड के मुख्य आरोपितों में शामिल कुमार रणंजय ओंकार को पटना हाईकोर्ट से बहुत बड़ा झटका लगा है. उच्च न्यायालय ने मामले की गंभीरता और अपराध की प्रकृति को देखते हुए ओंकार की नियमित जमानत याचिका (रेगुलर बेल पेटीशन) खारिज कर दी है. इससे पहले स्थानीय निचली अदालत (सेशन कोर्ट) भी आरोपित की जमानत अर्जी को खारिज कर चुकी थी.

अपार्टमेंट में गोली मारकर की गई थी हत्या

यह सनसनीखेज वारदात 31 मई की देर रात नगर थाना क्षेत्र में घटित हुई थी. अमर सिनेमा रोड स्थित प्रतिष्ठित आइकॉन टावर के एक फ्लैट में शूटर गोविंद शर्मा की अज्ञात व नामजद अपराधियों ने अंधाधुंध गोली मारकर हत्या कर दी थी. गोलीबारी की इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी.

मृतक की पत्नी ने दर्ज कराई थी नामजद प्राथमिकी

हत्याकांड के तुरंत बाद मृतक गोविंद शर्मा की पत्नी ने नगर थाने में लिखित शिकायत देकर नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी. उन्होंने हत्या की साजिश रचने और घटना को अंजाम देने का सीधा आरोप लगाया था. पुलिस ने त्वरित अनुसंधान शुरू कर तकनीकी और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की:

  • नगर थाना पुलिस ने सुनियोजित छापेमारी कर हत्याकांड में शामिल तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा.
  • गिरफ्तार आरोपितों में कुमार रणंजय ओंकार, बबलू चौधरी और सौरभ कुमार शामिल हैं.
  • पुलिस की पुख्ता चार्जशीट और साक्ष्यों के कारण अदालत से आरोपितों को राहत नहीं मिल पा रही है.

निचली अदालत के बाद हाईकोर्ट से भी झटका

जेल में बंद रणंजय ओंकार ने पहले मुजफ्फरपुर की निचली अदालत में जमानत के लिए गुहार लगाई थी, जिसे अदालत ने नामंजूर कर दिया था. इसके बाद उसने उच्च न्यायालय की शरण ली. हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटना की क्रूरता और आरोपित की संलिप्तता के साक्ष्य रखे, जिसके बाद अदालत ने जमानत याचिका रद्द कर दी.

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लेखक के बारे में

By प्रेमांशु शेखर

प्रेमांशु शेखर को पत्रकारिता में 18 से अधिक वर्षों का अनुभव है. वह दिल्ली विश्वविद्यालय साउथ कैंपस के छात्र रहे हैं और दिल्ली में भी काम कर चुके हैं. वह पिछले 16 साल से अपराध, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग कर रहे हैं.

 

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