सदर अस्पताल में आयुष्मान कार्ड पर नहीं मिली दवा, मरीज परेशान

सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान का अलग काउंटर नहीं

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल में आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने आए मोतीपुर के मरीज अमरेंद्र कुमार को एक भी दवा नहीं मिली. वह मेडिसिन विभाग में पहुंचा था. हाई बीपी और डायबिटिज की शिकायत थी. अस्पताल के पर्चे पर दस तरह की दवा लिखी गयी, लेकिन जब वह दवा लेने स्टोर पर गया तो एक भी दवा नहीं मिली. इससे परेशान अमरेंद्र सीएस कार्यालय में पहुंचा. कार्यालय बंद होने पर वह अस्पताल उपाधीक्षक से दवा नहीं मिलने की शिकायत की. उसने कहा कि वह आयुष्मान कार्डधारक है, लेकिन अस्पताल में दवा नहीं मिल रही है. उसने आयुष्मान कार्ड भी अधिकारी को दिखाया. इसके बाद उपाधीक्षक ने अस्पताल प्रबंधक को निर्देश दिया कि अस्पताल में जो दवाइयां मौजूद हैं, वह लिखवाएं. मोतीपुर के ही एक अन्य मरीज विकास चौधरी ने भी ओपीडी में लिखी दवा के नहीं मिलने की शिकायत की. उन्हें भी अस्पताल प्रबंधक के पास भेजा गया. सदर अस्पताल की ओपीडी में डॉक्टर द्वारा अस्पताल से बाहर की दवा लिखने की शिकायत पहले भी मिल चुकी है. मरीज ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत जो इलाज किया जा रहा है. इसके बावजूद भी सुविधाएं नहीं मिल रही है. जबकि नियम है कि अगर दवा नहीं है तो बाहर से खरीद कर उन्हें अस्पताल प्रशासन देगा.

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