ऑनलाइन पेमेंट के लिए नहीं देना होगा अतिरिक्त शुल्क, एसबीआइ से होगा करार

ऑनलाइन पेमेंट के लिए नहीं देना होगा अतिरिक्त शुल्क, एसबीआइ से होगा करार

-भुगतान की तिथि में ही विवि के खाते में रिफ्लेक्ट हो जाए राशि, इसके लिए चल रही बात -डिग्री व विभिन्न प्रमाणपत्रों व नामांकन के लिए भुगतान के कई दिन बाद भेजी जाती है राशि मुजफ्फरपुर. बीआरएबीयू में ऑनलाइन भुगतान के दौरान अतिरिक्त राशि लेने व विवि के खाते में राशि विलंब से भेजने के मामले में बड़ा बदलाव होगा. निजी पेमेंट गेटवे की जगह विवि का एसबीआइ के साथ करार होगा. इस दिशा में विवि ने प्रस्ताव तैयार किया है. इसको लेकर एसबीआइ के वरीय पदाधिकारियों के साथ बात चल रही है. शीघ्र ही एसबीआइ का पेमेंट गेटवे काम करने लगेगा. इससे विद्यार्थियों व विवि, दोनों को लाभ होगा. वर्तमान में कार्य कर रही कंपनी विद्यार्थियों से ऑनलाइन भुगतान के दौरान गेटवे चार्ज के रूप में 30 से 60 रुपये तक अतिरिक्त वसूलती है. इससे करोड़ों रुपये की कमायी कर रही है. वहीं सबसे परेशानी वाली बात तब होती है जब पेमेंट कटने के बाद आवेदन में भुगतान की स्थिति के सामने का कॉलम खाली हो जाता है. इसकी ट्रैकिंग विवि स्तर से नहीं हो पाती. ऐसे में विद्यार्थियों को दोबारा भुगतान करना पड़ जाता है. इस समस्या को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं. विवि को इसका आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा था. पेमेंट गेटवे कंपनी विद्यार्थियों से ऑनलाइन पैसा लेकर उसे एक सप्ताह बाद विवि के खाते में भेजती थी. इसकी वजह से विवि के करोड़ों रुपये से ब्याज का लाभ कंपनी को मिल जाता था. वहीं इस अवधि में विद्यार्थियों को स्टेट्स ही नहीं दिखता था. इस परेशानी को दूर करने के लिए यह पहल की गयी है. विवि की ओर से बताया गया कि एसबीआइ से करार हो जाने के बाद पेमेंट का स्टेटस भी दिखेगा और विवि के खाते में उसी दिन राशि भी आ जाएगी. यह व्यवस्था शीघ्र लागू हो जाएगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >