Husband Nude Photo Blackmail: शादी के मंडप में सात फेरे लेते वक्त जिस पति ने जिंदगी भर साथ निभाने का वादा किया था, वही चंद घंटों में दरिंदा बन बैठा. कांटी थाना क्षेत्र की रहने वाली एक पीड़िता की शादी इसी साल मई महीने में मिठनपुरा के जुब्बा सहनी पार्क के पास बड़ी ही धूमधाम से हुई थी. पिता ने अपनी लाडली की खुशी के लिए क्षमता से बाहर जाकर पौने छः लाख रुपये नकद, ढाई लाख के गहने और महंगे फर्नीचर तोहफे में दिए थे. लेकिन ससुराल कदम रखते ही पीड़िता के अरमानों पर पानी फिर गया.
Muzaffarpur crime News: सुहागरात के अगले दिन ही छीना फोन
शादी के अगले ही दिन उसका मोबाइल छीन लिया गया, ताकि वह रो-रोकर मायके वालों को अपनी आपबीती न सुना सके. 2 लाख रुपये और कार की मांग, मिट्टी का तेल छिड़क कर दी जलाने की कोशिश ससुराल पहुंचते ही 2 लाख रुपये अतिरिक्त नकद और एक चमचमाती चार पहिया गाड़ी (कार) की मांग को लेकर पीड़िता पर प्रताड़ना का सिलसिला शुरू हो गया. रोज-रोज के तानों और शारीरिक-मानसिक यातनाओं से पीड़िता टूट चुकी थी. हद तो तब हो गई जब अगस्त की एक खौफनाक दोपहर ससुराल वालों ने मिलकर पीड़िता को बेरहमी से पीटा और जान से मारने की नीयत से उसके शरीर पर केरोसिन छिड़ककर आग लगाने का प्रयास किया.
कार और दो लाख की मांग, जलाने का प्रयास
किसी तरह अपनी जान बचाकर भागी पीड़िता के पीछे ससुराल वालों ने साइबर अपराध का ऐसा घिनौना जाल बिछाया कि सुनने वालों के रोंगटे खड़े हो गए. ननद ने चुराईं तस्वीरें, पति ने रिश्तेदारों में वायरल कर मांगी फिरौती मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब पीड़िता की ननद ने उसके फोन से बिना अनुमति के बेहद निजी और न्यूड तस्वीरें चुरा लीं. ये तस्वीरें उसके पति और परिवार के बाकी सदस्यों को भेज दी गईं. इसके बाद पति और ससुराल वालों ने उन तस्वीरों को हथियार बना लिया. रिश्तेदारों में तस्वीरें सार्वजनिक करने और पीड़िता को बदनाम करने की धमकी देकर फिर से दहेज की भारी रकम ऐंठने का दबाव बनाया जाने लगा.
प्राइवेट तस्वीरें चुराकर शुरू की ब्लैकमेलिंग
मुजफ्फरपुर महिला थाने में FIR दर्ज, पुलिस एक्शन में अब यह सनसनीखेज मामला मुजफ्फरपुर के महिला थाने पहुंच चुका है. पीड़िता की लिखित शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं, दहेज प्रतिषेध अधिनियम और साइबर क्राइम (IT Act की धारा 66E) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है. मामले की जांच के लिए एएसआई स्तर की महिला पुलिस अधिकारी को अनुसंधानकर्ता बनाया गया है. पुलिस की टीम अब डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही है और प्राथमिकता के आधार पर पीड़िता की निजता की रक्षा करते हुए सभी मोबाइल डिवाइसेज से तस्वीरें डिलीट कराने व आरोपियों की धरपकड़ में जुट गई है.
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