बिजली कनेक्शन एनबीपीडीसीएल: उत्तर बिहार के बिजली उपभोक्ताओं, छोटे उद्यमियों और व्यवसायियों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है. उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एनबीपीडीसीएल) ने नए बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सरल और तेज कर दिया है. कंपनी के निदेशक मंडल की 168वीं बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया. मुजफ्फरपुर के अधीक्षण अभियंता पंकज राजेश ने बताया कि मुख्यालय द्वारा लिए गए इस निर्णय से आम उपभोक्ताओं और व्यापारियों को अब दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी.
एनओसी की अनिवार्यता समाप्त
नए नियमों के अनुसार, अब 150 किलोवाट तक के लोड वाले नए बिजली कनेक्शन के लिए विद्युत निरीक्षक से अनिवार्य निरीक्षण कराने और अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेने की बाध्यता को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है.
कनेक्शन के नए नियम
- 45 किलोवाट (50 केवीए) तक एलटी कनेक्शन : उपभोक्ताओं को अब विद्युत निरीक्षक के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होगी. आवेदकों को सिर्फ 'सुविधा पोर्टल' पर एक स्व-अभिप्रमाणित घोषणापत्र देना होगा कि वायरिंग लाइसेंसधारी ठेकेदार द्वारा सुरक्षा मानकों से कराई गई है.
- 45 से 150 किलोवाट तक कनेक्शन : जहां वितरण अवसंरचना का कार्य एनबीपीडीसीएल करेगा, वहां भी निरीक्षण प्रमाण पत्र की अनिवार्यता समाप्त रहेगी.
- 150 किलोवाट से अधिक भार : इस श्रेणी के बड़े कनेक्शनों के लिए पहले की तरह विद्युत निरीक्षक का तकनीकी निरीक्षण और प्रमाण पत्र अनिवार्य रहेगा.
ट्रांसफॉर्मर की व्यवस्था और शुल्क तय
यदि 150 किलोवाट तक के नए कनेक्शन के लिए वितरण ट्रांसफॉर्मर लगाने की जरूरत पड़ती है, तो एनबीपीडीसीएल निर्धारित शुल्क पर इसे स्वयं स्थापित करेगा. इसके लिए कंपनी ने अनुमानित दरें तय कर दी हैं :
- 100 केवीए ट्रांसफॉर्मर : ₹2,97,857.30
- 200 केवीए ट्रांसफॉर्मर : ₹4,73,626.80
कंपनी के इस फैसले से राज्य के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बिना किसी देरी के त्वरित कनेक्शन मिलेगा.
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