Muzaffarpur Scholarship Scam: जिले में नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) के जरिए एक बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है. अल्पसंख्यक वर्ग के 31 छात्र-छात्राओं के नाम पर फर्जी तरीके से 13,800-13,800 रुपये की छात्रवृत्ति अवैध रूप से निकाल ली गई. यह मामला केंद्रीय पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना (सत्र 2020-2022) से जुड़ा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी राजीव रंजन ने साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है.
दो निजी संस्थानों के नाम का हुआ गलत इस्तेमाल
फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए जिले के दो प्रतिष्ठित निजी शैक्षणिक संस्थानों— 'नैना नर्सिंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट' और 'ट्राइडेंट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज' के नाम का दुरुपयोग किया गया. चौंकाने वाली बात यह है कि जिन कोर्सों के नाम पर स्कॉलरशिप ली गई, वे इन संस्थानों में संचालित ही नहीं होते हैं. एफआईआर के बाद इसमें किसी बड़े सिंडिकेट के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है.
भौतिक निरीक्षण में सामने आई पूरी सच्चाई
सत्र 2020-2022 के आवेदनों पर संदेह होने पर कल्याण विभाग की टीम ने दोनों संस्थानों का भौतिक निरीक्षण किया. जांच में नैना नर्सिंग इंस्टीट्यूट में 13 छात्राओं के नाम पर बीएससी नर्सिंग दर्ज मिला, जो कोर्स वहां है ही नहीं. वहीं ट्राइडेंट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज के नाम का इस्तेमाल कर 18 फर्जी छात्र-छात्राओं ने स्कॉलरशिप की रकम हड़प ली.
साइबर थाना पुलिस जांच और वसूली में जुटी
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फर्जी तरीके से छात्रवृत्ति उठाने वाले आरोपियों से राशि वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी है. वहीं साइबर थाना पुलिस मामला दर्ज कर गिरोह के मुख्य सरगना की तलाश में जुट गई है.
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