मुजफ्फरपुर में दो थानेदार निलंबित, औराई में लूट को चोरी में दर्ज करने और पारू में लापरवाही का आरोप

मुजफ्फरपुर में क्राइम कंट्रोल में विफलता के आरोप में औराई और पारू के दो थानेदारों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है. एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने यह बड़ी कार्रवाई की है. दोनों पर विभागीय कार्रवाई की भी अनुशंसा की गई है.

मुजफ्फरपुर: क्राइम कंट्रोल में विफलता और ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने बुधवार को औराई और पारू के थानेदारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. पारू थानेदार आशुतोष कुमार शुक्ला और औराई थानाध्यक्ष दारोगा सुनील कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. दोनों को सामान्य जीवन यापन भत्ता पर निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गयी है.

लूट की घटना को चोरी में दर्ज करने का आरोप

औराई थानाध्यक्ष सुनील कुमार के खिलाफ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पूर्वी-1 अलय वत्स की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गयी है. रिपोर्ट के अनुसार, थानाध्यक्ष ने लूट की गंभीर घटना को हल्का करते हुए उसे साधारण गृहभेदन के रूप में दर्ज किया. आरोप है कि इस दौरान वरीय अधिकारियों को भी गुमराह करने का प्रयास किया गया.

जांच में अपराध अनुसंधान की अनिवार्य प्रक्रिया में भी लापरवाही सामने आने की बात कही गयी है. ई-साक्ष्य ऐप पर घटनास्थल का विवरण दर्ज नहीं करने के अलावा तलाशी, जब्ती और गवाहों के बयान से जुड़ी प्रक्रिया में शिथिलता बरतने का आरोप है.

लंबित कांडों की समीक्षा नहीं करने का भी आरोप

जांच रिपोर्ट में औराई थानाध्यक्ष पर लंबित कांडों की नियमित समीक्षा नहीं करने का भी आरोप लगाया गया है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अपराध नियंत्रण और अनुसंधान की प्रक्रिया में अपेक्षित गंभीरता नहीं बरतने के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई की गयी.

पारू थाने से 15 दिन में भागे दो अभियुक्त

पारू थानेदार आशुतोष कुमार शुक्ला के खिलाफ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सरैया एवं अंचल पुलिस निरीक्षक पारू की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गयी है.

जांच रिपोर्ट के अनुसार, मध्यस्थता के नाम पर हिरासत में लाये गये एक व्यक्ति को वरीय अधिकारियों को सूचना दिये बिना छोड़ दिया गया. इसके अलावा चोरी की संपत्ति, आर्म्स एक्ट और बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम से जुड़े मामलों के अभियुक्तों को उचित अभिरक्षा में नहीं रखने का आरोप है.

रिपोर्ट के मुताबिक, महज 15 दिनों के भीतर पारू थाने से दो अभियुक्त फरार हो गये. इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए थानेदार पर कार्रवाई की गयी.

एडीजी की बैठक में गलत डाटा पेश करने का आरोप

पारू थानेदार आशुतोष कुमार शुक्ला पर एडीजी की समीक्षा बैठक के दौरान गलत डाटा पेश करने का भी आरोप लगा था. इसके बाद से ही उनके खिलाफ कार्रवाई की संभावना जतायी जा रही थी.

एसएसपी ने कर्तव्य के प्रति लापरवाही, अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता और मनमानेपन के आरोप में उन्हें निलंबित किया है.

दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा

एसएसपी के आदेश के बाद दोनों थानेदारों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. पुलिस विभाग की ओर से दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा भी की गयी है. कार्रवाई का मुख्य आधार अपराध नियंत्रण में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं होना, अनुसंधान संबंधी प्रक्रियाओं में लापरवाही और ड्यूटी के दौरान गंभीर अनियमितताएं बतायी गयी हैं.

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लेखक के बारे में

By चंदन सिंह

चंदन सिंह बीते 12 सालों से क्राइम रिपोर्टिंग की दुनिया में सक्रिय हैं. 2016 से लगातार प्रभात खबर के साथ काम कर रहे हैं. इससे पहले दैनिक जागरण और भास्कर जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के लिये योगदान दे चुके हैं. क्राइम रिपोर्टिंग में इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म पर अधिक फोकस. पत्रकारिता में मास्टर्स की पढ़ाई की है.
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