Muzaffarpur News: बूढ़ी गंडक नदी पर बना पिलखी घाट पुल इन दिनों लोगों के लिए खतरे का कारण बन गया है. लगातार बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर से पुल का एप्रोच पथ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है. सड़क का बड़ा हिस्सा कटकर बह गया है, जिससे 25 से 30 फीट गहरी खाई बन गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
बारिश के बाद सड़क का हिस्सा बहा, खतरे में आवागमन
बंदरा और मुशहरी प्रखंड को जोड़ने वाले इस पुल से रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं. बारिश के बाद एप्रोच पथ का बड़ा हिस्सा धंस गया है. सड़क के किनारे गहरी खाई बनने से वाहनों और पैदल यात्रियों की जान जोखिम में पड़ गई है. रात के समय यह खतरा और बढ़ जाता है.
हवा में लटके दिख रहे पिलर
स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्ष 2009 में बने और 2012 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा उद्घाटित इस पुल के एप्रोच पथ के पिलर अब हवा में लटके नजर आ रहे हैं. लगातार कटाव के कारण उनकी स्थिति कमजोर होती जा रही है. बूढ़ी गंडक का जलस्तर बढ़ने से कटाव और तेज होने की आशंका है.
बड़े हादसे की आशंका, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल एप्रोच पथ की मरम्मत, बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कोई भारी वाहन गड्ढे में समा सकता है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है.
यह भी पढ़ें: जिस आंगन से उठनी थी डोली, वहां से अर्थी पर हुई विदा… एक हादसे ने खत्म कर दिया सबकुछ
