Muzaffarpur NRI Fraud: सात समंदर पार जॉर्जिया (यूएसए) में बैठी एक एनआरआई (NRI) महिला को क्या पता था कि बिहार के मुजफ्फरपुर में उसकी ही पैतृक संपत्ति पर अपनों ने गिद्ध दृष्टि लगा रखी है. ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में एनआरआई महिला चंदा शरण उर्फ चंदा रानी से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी, पैतृक जमीन-जायदाद हड़पने और अमेरिका से भेजी गई बेहद कीमती रिवॉल्वर गायब करने का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है. इस हाई-प्रोफाइल इंटरनेशनल जालसाजी का भंडाफोड़ करते हुए एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र के कड़े निर्देश पर पुलिस ने मुख्य आरोपियों समेत 4 शातिर जालसाजों को दबोच लिया है.
डॉक्टर साहब की मौत और नौकरानी का 'मास्टरस्ट्रोक': रातों-रात बन बैठी फर्जी पत्नी
इस फिल्मी कहानी की शुरुआत तब हुई जब पीड़िता चंदा रानी के भाई डॉ. विनोद शाही की मौत हो गई. भाई के निधन के बाद उनके घर में काम करने वाली रिफ्यूजी बंगाली नौकरानी कालीरानी उर्फ नीलम शाही ने एक खौफनाक 'मास्टरस्ट्रोक' खेला. उसने खुद को डॉ. विनोद शाही की असली पत्नी घोषित कर दिया. इसके बाद उसने शहर के बड़े भू-माफियाओं के साथ हाथ मिलाया और करोड़ों रुपये की पैतृक संपत्ति को धड़ल्ले से बेचना शुरू कर दिया. हद तो तब हो गई जब आरोपियों ने वसीयत के मूल दस्तावेज और अमेरिका से आई कीमती रिवॉल्वर भी गायब कर दी.
रिश्तेदार का विश्वासघात: फर्जी दस्तखत कर उड़ाए 90 लाख, ऐसे दबोचा गया गिरोह
जालसाजी का यह खेल यहीं नहीं रुका. पीड़िता के पति के सगे भतीजे धनंजय शरण ने खून के रिश्ते को कलंकित करते हुए महिला का फर्जी हस्ताक्षर बनाया और पावर ऑफ अटॉर्नी अपने नाम करा ली. इसके बाद इस गिरोह ने एनआरआई महिला के बैंक खाते से करीब 90 लाख रुपये की मोटी रकम साफ कर दी. विरोध करने पर पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी गई. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए धनंजय शरण, बंगाली नौकरानी कालीरानी, विकास कुमार सिंह और अनिल कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार बदमाशों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और पुलिस अब इनके बाकी फरार साथियों को ढूँढने में जुटी है.
