Muzaffarpur News:मुजफ्फरपुर जिले के बंदरा इलाके से करीब 10 वर्ष पूर्व अपहृत हुए एक नाबालिग लड़के को पुलिस ने दिल्ली से सकुशल बरामद कर लिया है. हत्था थाने की पुलिस टीम द्वारा बरामद किए गए युवक को गुरुवार को कोर्ट में 164 के तहत बयान दर्ज कराने के लिए प्रस्तुत किया गया. इस बड़ी कामयाबी से पुलिस महकमे ने राहत की सांस ली है.
पिता ने दर्ज कराया था कोर्ट में परिवाद, 9 ग्रामीण बने थे आरोपी
हत्था थानाध्यक्ष लोकेश कुमार चौधरी ने बताया कि पटसारा गांव के रहने वाले मुसाफिर सहनी ने अपने नाबालिग पुत्र सत्यव्रत कुमार के अचानक लापता होने के बाद कोर्ट में अपहरण का एक परिवाद दर्ज कराया था. इस मामले में उन्होंने गांव के ही विनोद सहनी, सलन सहनी, मुकेश सहनी, मनोज सहनी, कमलेश सहनी, रामकुमार ठाकुर उर्फ भोलू ठाकुर, विश्वनाथ सहनी, पंकज ठाकुर और योगी सहनी समेत कुल नौ लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया था.
पियर थाने में दर्ज था केस, दो आरोपी अब भी फरार
इस अपहरण कांड को लेकर तत्कालीन पियर थाना (अब हत्था ओपी) में कांड संख्या 73/16 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी. पुलिस के अनुसार, इस मामले के नामजद आरोपियों में से विनोद सहनी और योगी सहनी पूर्व में जेल भी जा चुके हैं. वहीं, चार अभियुक्तों ने हाई कोर्ट से और एक अभियुक्त ने जिला न्यायालय से अग्रिम जमानत करा ली है. इस मामले के दो आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं और फरार चल रहे हैं.
दिल्ली में मिली लोकेशन, दारोगा के नेतृत्व में गई थी टीम
थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अपहृत सत्यव्रत कुमार दिल्ली में रह रहा है. इस पुख्ता इनपुट के आधार पर दारोगा संकेत कुमार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम को दिल्ली भेजा गया था. टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवक को दिल्ली से बरामद कर लिया. गुरुवार को मुजफ्फरपुर कोर्ट में उसकी पेशी कराई गई, जहां कानूनी प्रक्रिया के तहत उसका बयान दर्ज कराया जा रहा है.
मुजफ्फरपुर बंदरा से सूर्यमणि कुमार की रिपोर्ट
