Muzaffarpur News: राज्य में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक सरगर्मी तेज हो गई है. राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव संपन्न कराने के लिए इस बार ”मल्टी पोस्ट ईवीएम” के इस्तेमाल का निर्णय लिया है. ये मशीनें विशेष रूप से हैदराबाद से मंगाई जा रही हैं, जिन्हें जल्द ही राज्य के सभी जिलों को उनकी आवश्यकता के अनुसार आवंटित कर दिया जाएगा. इसे प्रखंड मुख्यालय परिसर के अंदर सुरक्षित स्थान पर रखा जाएगा.चुनाव आयोग द्वारा जारी आवंटन सूची के अनुसार, मुजफ्फरपुर जिले के लिए भारी संख्या में उपकरणों का कोटा तय किया गया है. मुजफ्फरपुर को कुल 1257 कंट्रोल यूनिट (CU), 7542 बैलेट यूनिट और 1257 एसडीएसआवंटित किए गए हैं. इसके अतिरिक्त, मतों की गणना और प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए जिले को 15 टोटलर मशीनें भी उपलब्ध कराई जाएंगी.
सुरक्षा और बजट को लेकर निर्देश जारी
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव ने पंचायती राज विभाग के सचिव को इस बाबत आधिकारिक पत्र भेजा है. निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि वेयरआवंटितईवीएम को सुरक्षित रखने के लिए सभी जिलों में वेयर हाउस की पुख्ता व्यवस्था की जाए. मशीनों के रखरखाव के लिए आवश्यक अन्य तकनीकी उपकरण और वेयर हाउस की साज-सज्जा के लिए जल्द से जल्द राशि आवंटित की जाए.हैदराबाद से मशीनों के पहुंचने के साथ ही उनकी शुरुआती जांच और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को तैनात किया जाए।
क्या है मल्टी पोस्ट इवीएम
पंचायत चुनाव में मतदाता एक साथ कई पदों (जैसे- मुखिया, वार्ड सदस्य, जिला परिषद आदि) के लिए मतदान करते हैं. मल्टी पोस्ट ईवीएम की खासियत यह है कि इसमें एक ही कंट्रोल यूनिट से कई बैलेट यूनिट जुड़ी होती हैं, जिससे मतदाता अलग-अलग पदों के लिए अपना वोट आसानी से दे सकते हैं.
यह कैसे काम करती है?
जब कोई मतदाता मतदान केंद्र के अंदर जाता है, तो प्रक्रिया इस प्रकार होती है. मतदाता एक ही बूथ पर रखे अलग-अलग बैलेट यूनिट्स पर बटन दबाकर अलग-अलग पदों के लिए वोट करता है.
कंट्रोल यूनिट का प्रबंधन: पीठासीन अधिकारी कंट्रोल यूनिट से कमांड देता है, जिससे मतदाता एक के बाद एक सभी पदों के लिए वोट डाल पाता है. जब तक मतदाता सभी निर्धारित पदों के लिए वोट नहीं डाल देता (या प्रक्रिया पूरी नहीं कर लेता), मशीन का चक्र पूरा नहीं होता.डेटा अलगाव: मशीन स्वचालित रूप से पहचान लेती है कि किस पद के लिए कौन सा वोट गिरा है.
मुजफ्फरपुर से मुख्य संवाददाता प्रभात कुमार की रिपोर्ट
