Muzaffarpur News: जिले के मड़वन प्रखंड अंतर्गत करजा थाना क्षेत्र के एक गांव में सामाजिक कुरीतियों का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक युवती के प्रेम विवाह से नाराज परिजनों ने उसे मृत मानकर उसका ‘दाह संस्कार’ कर दिया. यह कदम परिजनों ने तब उठाया जब गांव के लोगों ने उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया और समाज में वापस आने के लिए युवती को मृत मानने की शर्त रखी.
प्रेमी के साथ कोर्ट में दिया था बयान
जानकारी के अनुसार, करीब एक माह पहले युवती अपने प्रेमी के साथ घर छोड़कर चली गई थी. परिजनों ने करजा थाने में मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद पुलिस ने युवती को बरामद कर कोर्ट में पेश किया. कोर्ट में युवती ने बालिग होने का प्रमाण देते हुए अपनी मर्जी से प्रेमी के साथ शादी करने और उसी के साथ रहने की इच्छा जताई. युवती ने सोशल मीडिया के जरिए पुलिस के आला अधिकारियों को भी अपनी सुरक्षा और मर्जी का बयान भेजा था.
सामाजिक बहिष्कार और समाज की अजीब शर्त
युवती के इस फैसले से परिजन आक्रोशित थे, लेकिन इसी बीच गांव के लोगों ने परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया. समाज में दोबारा शामिल होने के लिए उनके सामने शर्त रखी गई कि वे युवती को मरा हुआ मानकर उसका अंतिम संस्कार करें. विवश होकर परिजनों ने युवती के पुतले की अर्थी निकाली और श्मशान घाट ले जाकर उसका दाह संस्कार कर दिया.
पुलिस और स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया
इस अनोखे और विवादास्पद मामले की पुष्टि स्थानीय मुखिया विकास कुमार सिंह ने की है. वहीं, करजा थानाध्यक्ष रामकृष्ण परमहंस ने बताया कि युवती का बयान पहले ही दर्ज कराया जा चुका है, हालांकि उन्हें इस तरह के दाह संस्कार की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. यह घटना अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है.
मुजफ्फरपुर के मड़वन से संतोष कुमार की रिपोर्ट
