मुजफ्फरपुर से सुमित कुमार की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर जिले के मुसहरी थाना क्षेत्र स्थित नरौली बालगृह (बालक) इकाई-1 में रविवार की रात एक बड़ी सुरक्षा चूक सामने आई है. यहाँ से एक साथ 10 बच्चों के रहस्यमय ढंग से लापता होने के बाद प्रशासनिक और पुलिस महकमे में खलबली मच गई है. लापता बच्चों में चार मूकबधिर (बोलने और सुनने में अक्षम) भी शामिल हैं, जिससे उनकी सुरक्षा और बरामदगी को लेकर अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है.
एसडीओ पूर्वी ने शुरू की जांच, सीसीटीवी खंगाले
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ पूर्वी तुषार कुमार ने तत्काल बालगृह का मुआयना किया. उन्होंने संस्थान के रजिस्टर और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की. एसडीओ ने वहां तैनात कर्मियों से कड़ी पूछताछ की है कि आखिर सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में बच्चे परिसर से बाहर कैसे निकल गए. प्रशासन इस बात की भी तफ्तीश कर रहा है कि कहीं इसके पीछे कोई संगठित गिरोह तो नहीं है.
लापता बच्चों में 4 मूकबधिर, नेपाल और अन्य जिलों के भी छात्र
साझा की गई जानकारी के अनुसार, लापता बच्चों में कालू कुमार (15), गोलू (15), गोलू कुमार उर्फ गोलक (10) और राहुल कुमार (12) मूकबधिर हैं. इनके अलावा नेपाल के भोला महावीर पटेल, सीतामढ़ी के राजन कुमार, समस्तीपुर के अंकित कुमार सहित प्रिंस, सत्यम और विकास कुमार भी लापता हैं. इनमें से कई बच्चों को हाल ही में सीडब्ल्यूसी (CWC) के माध्यम से यहाँ लाया गया था.
पूरे जिले में हाई अलर्ट, सीमावर्ती इलाकों में तलाशी
घटना के बाद मुजफ्फरपुर पुलिस ने जिले भर के थानों को अलर्ट कर दिया है. बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थलों पर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. बच्चों की तस्वीरें और विवरण आसपास के जिलों और नेपाल सीमा से सटे थानों को भेज दिया गया है. एसडीओ पूर्वी ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिकता बच्चों की सुरक्षित बरामदगी है और लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर गाज गिरना तय है.
