Muzaffarpur News: बिहार पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने देश की सुरक्षा से जुड़े एक बेहद संवेदनशील मामले का भंडाफोड़ किया है. एटीएस की विशेष टीम ने मुजफ्फरपुर जिले के रतनपुर गांव में छापेमारी कर पाकिस्तान स्थित कुख्यात हथियार तस्कर शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े एक किशोर को गिरफ्तार किया है.जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किशोर टेलीग्राम के माध्यम से देश की गोपनीय सूचना पाकिस्तानी हथियार तस्कर को भेजता था. उसके पास से मिले डिजिटल साक्ष्यों ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं.
सोशल मीडिया व एन्क्रिप्टेड ऐप्स से था सीधा संपर्क
शुरुआती जांच और एटीएस की विशेष आसूचना इकाई द्वारा जुटाए गए गुप्त इनपुट्स के अनुसार, एटीएस के हत्थे चढ़े किशोर की उम्र 17 साल है. वह पाकिस्तान के कुख्यात हथियार तस्कर शहजाद भट्टी और उसके सहयोगियों के साथ सीधे संपर्क में था. वह देश विरोधी गतिविधियों को संचालित करने के लिए विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और अत्यधिक सुरक्षित एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्लिकेशन्स का इस्तेमाल कर रहा था. एटीएस की तकनीकी टीम ने जब उसके मोबाइल फोन की गहनता से पड़ताल की, तो उसमें से कई आपत्तिजनक और देश विरोधी सामग्रियां बरामद हुईं.
डिलीट डेटा और चैट बैकअप से खुला राज
जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी ने पकड़े जाने के डर से अपने मोबाइल से कई महत्वपूर्ण डेटा और चैट हिस्ट्री डिलीट कर दी थी. हालांकि, एटीएस के तकनीकी विशेषज्ञों ने उसके मोबाइल से डिलीट किए गए डेटा, चैट बैकअप और एक्टिव मैसेजिंग ऐप्स को सफलतापूर्वक रिकवर कर लिया. इससे स्पष्ट हुआ कि वह पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी और उसके एक अन्य प्रमुख सहयोगी राणा हुनैन के साथ लगातार बातचीत कर रहा था और देश के खिलाफ रणनीतिक साजिशें रच रहा था.
रणनीतिक व संवेदनशील स्थलों के वीडियो-लोकेशन भेजे
आरोपी के मोबाइल फोन से भारत के कई संवेदनशील और रणनीतिक महत्व के सैन्य व नागरिक स्थलों के वीडियो, तस्वीरें तथा अन्य डिजिटल सामग्रियां मिली हैं. पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी इन प्रतिबंधित और संवेदनशील क्षेत्रों की रेकी करता था, उनके वीडियो और फोटो तैयार करता था और फिर उनकी सटीक भौगोलिक लोकेशन (जीपीएस कोऑर्डिनेट्स) पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ साझा करता था. आशंका जताई जा रही है कि इन जानकारियों का इस्तेमाल किसी बड़ी अप्रिय घटना को अंजाम देने के लिए किया जाना था.
विदेशी फंडिंग और जासूसी की जांच
बिहार एटीएस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया है. एटीएस के अनुसार, आरोपी के यात्रा इतिहास (ट्रेवल हिस्ट्री), डिजिटल उपकरणों, सोशल मीडिया गतिविधियों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (सीडीआर), वित्तीय लेन-देन तथा अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर विश्लेषण किया जा रहा है. इसके साथ ही नेटवर्क की व्यापकता और उसे मिलने वाली विदेशी फंडिंग के संबंध में भी जांच की जा रही है. शुरुआती जांच के तथ्यों के आधार पर मो. मुस्तफा के विरुद्ध जासूसी, देश विरोधी गतिविधियों एवं राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है. एटीएस ने स्पष्ट किया है कि देश की सुरक्षा और अखंडता के खिलाफ काम करने वाले तत्वों को कतई बख्शा नहीं जाएगा.
मुजफ्फरपुर से चंदन सिंह की रिपोर्ट
