मुजफ्फरपुर के मीनापुर से संतोष कुमार गुप्ता की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: नीट-यूजी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक तथा छात्र नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में गुरुवार को मीनापुर की सड़कों पर छात्रों का जबरदस्त गुस्सा देखा गया. बीपीएससी टीआरई-4 का नोटिफिकेशन जारी करने और छात्र नेता दिलीप कुमार समेत अन्य आंदोलनकारियों की रिहाई की मांग को लेकर छात्रों ने प्रखंड कार्यालय से गंज बाजार चौक तक जोरदार प्रतिवाद मार्च निकाला. इस दौरान “पेपर लीक बंद करो” और “छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा.
लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला
प्रतिवाद मार्च के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए एआईडीएसओ के जिला अध्यक्ष शिव कुमार ने कहा कि पटना में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के जनवादी अधिकारों को कुचला गया है. उन्होंने कहा कि छात्र नेताओं को घसीटते हुए जेल भेजना सरकार की तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है. यह न केवल छात्रों पर बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी सीधा हमला है.
मांगें पूरी नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन
सभा की अध्यक्षता कर रहे प्रखंड अध्यक्ष सोनू मौर्य ने कहा कि बिहार सरकार की छात्र-विरोधी नीतियों के खिलाफ यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक मांगें पूरी नहीं हो जातीं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने दमन का रास्ता नहीं छोड़ा और जायज मांगों को अनसुना किया, तो आने वाले दिनों में छात्र और युवा चरणबद्ध तरीके से बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे.
बड़ी संख्या में शामिल हुए छात्र-युवा
जुलूस का नेतृत्व प्रखंड उपाध्यक्ष प्रिंस गौतम ने किया. इस विरोध प्रदर्शन में प्रिंस गौतम, सोनू मौर्य, गौतम कुमार, सुमित पटेल, सुधीर राजपूत, राजा कुमार, गौरव भारती, गोलू कुमार, सुमित कुमार, बब्लू कुमार, मनोहर कुमार, चंद्रिका राय, अली अख्तर, अनिल कुमार और रणधीर यादव समेत सैकड़ों की संख्या में छात्र-युवा मौजूद थे.
