मुजफ्फरपुर के कांटी से मनोज कुमार मिश्र की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: नगर परिषद स्थित साहित्य भवन में गुरुवार को महान क्रांतिकारी, कवि और स्वतंत्रता सेनानी पंडित रामप्रसाद बिस्मिल की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई. नूतन साहित्यकार परिषद की ओर से आयोजित कार्यक्रम में साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया.
विचार गोष्ठी में याद किए गए बिस्मिल के योगदान
कार्यक्रम के दौरान आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने रामप्रसाद बिस्मिल के जीवन, संघर्ष और देश की आजादी में उनकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की. परिषद के अध्यक्ष चंद्रभूषण सिंह ‘चंद्र’ ने कहा कि बिस्मिल केवल एक क्रांतिकारी नहीं थे, बल्कि वे उत्कृष्ट साहित्यकार, कवि, शायर और सच्चे राष्ट्रभक्त भी थे. उनकी रचनाएं आज भी लोगों को देशप्रेम और त्याग का संदेश देती हैं.
युवाओं के लिए प्रेरणा हैं बिस्मिल
वक्ताओं ने कहा कि पंडित रामप्रसाद बिस्मिल के विचार और उनकी कविताएं युवाओं में साहस, आत्मविश्वास और राष्ट्रभक्ति की भावना जगाती हैं. उनका जीवन संघर्ष, समर्पण और बलिदान का प्रतीक रहा है. काकोरी कांड में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी थी. देश की आजादी के लिए उन्होंने अपने प्राणों का बलिदान दिया, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता.
श्रद्धांजलि के साथ कार्यक्रम का समापन
गोष्ठी के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पंडित रामप्रसाद बिस्मिल को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया. कार्यक्रम में सेवानिवृत्त डीडीओ परशुराम सिंह, सीओ रामेश्वर सिंह, स्वराजलाल ठाकुर, चंद्रकिशोर चौबे, रामेश्वर महतो, नंदकिशोर ठाकुर, महेश कुमार, रजनीश कुमार समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.
