बारिश और आंधी के दौरान भी नही कटेगी बिजली, नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लगा रही स्पाइक अर्थिंग, जानें क्या है यह तकनीकि

Muzaffarpur News: नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ऐसी तकनीकि का विकास कर रही है जिससे बारिश ,आंधी और वज्रपात के दौरान भी बिजली नही कटेगी. इसके लिए स्पाइक अर्थिंग का प्रयोग किया जाएगा. इसका उपयोग पश्चिम बंगाल में बिजली वितरण लाइन में किया जाता है.

Muzaffarpur News: आंधी और बारिश के दौरान बिजली चली ही जाती है. इन्ही की आड़ में बिजली विभाग अपनी नाकामी छुपा लेता है. लेकिन नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ऐसी तकनीकि का विकास कर रही है. जिससे आंधी पानी और वज्रपात में भी बिजली की आपूर्ति नही रुकेगी. और इससे बिजली का भी नुकसान कम किया जा सकता है.

पश्चिम बंगाल की तर्ज पर लगाई जाएगी स्पाइक अर्थिंग

नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (NBPDCL) ऐसी तकनीकि का विकास कर रही है जिससे बारिश ,आंधी और वज्रपात के दौरान भी बिजली नही कटेगी. इसके लिए स्पाइक अर्थिंग का प्रयोग किया जाएगा. इसका उपयोग पश्चिम बंगाल में बिजली वितरण लाइन में किया जाता है.इससे वहां तेज आंधी बारिश और वज्रपात के दौरान भी बिजली सप्लाई में कोई बाधा नहीं आती है. बंगाल की इस तकनीकि को देखकर नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने भी स्पाइक अर्थिंग का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है.

बारिश और आंधी के समय बहुत होती है समस्या

अधीक्षक अभियंता ने बताया कि इसे शुरुआत में इसे किशन गंज में प्रयोग किया जाएगा. सफल होने पर पूरे मुजफ्फरपुर सर्किल में इसे लगाया जाएगा. NBPDCL ने इसे मुजफ्फरपुर समेत अन्य जिलों के लिए भी इसका खाका बना लिया है. लेकिन फिलहाल इसे प्रयोग के रूप में किया जा रहा है. मुजफ्फरपुर जिले में कुढ़नी, कांटी, औराई, गायघाट, मड़वन आदि में इंसुलेटर जलने, तार जलने, ब्रेक डाउन होने की समस्या ज्यादा होती है. जिस कारण बिजली आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हो जाती है.

झेलना पड़ता है राजस्व का नुकसान और लोगों का गुस्सा

अभी कुछ दिन पहले उत्तर बिहार में आई आंधी पानी और वज्रपात के दौरान छः दिनों तक बिजली आपूर्ति रुकी थी. इस कारण राजस्व का भी नुकसान होता है और लोगों का आक्रोश भी झेलना पड़ता है.ऐसी स्थिति में स्पाइक अर्थिंग पर फोकस किया गया है. जल्द ही इस पर काम शुरू होने की संभावना है.

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क्या है स्पाइक अर्थिंग

11केवी और 33 केवी में स्पाइक अर्थिंग का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें 25 गुणा 6 मिमी, 1.5 मीटर जीएल फ्लैट, 2.5 मीटर लंबा स्पाइक अर्थिंग इलेक्ट्रोड होता है. सिस्टम के इन्सुलिन को आंधी और पानी के दौरान बिजली नुकसान के बचाने के लिए इसका उपयोग किया जाता है.

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Author: Puspraj Singh

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