Muzaffarpur News: किशोरी के अपहरण मामले में सुनवाई करते हुए पाॅक्सो कोर्ट-1 के विशेष न्यायाधीश धीरेन्द्र मिश्रा ने मीनापुर थाना क्षेत्र के हरका कल्याण गांव निवासी हेमंत कुमार को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी है. मामले में किशोरी की मां के बयान पर मीनापुर थाने में हेमंत कुमार और उसके परिजनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. अनुसंधान पूरा करने के बाद मीनापुर पुलिस ने 8 अगस्त 2024 को आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी.
घर के बाहर से ले जाने का लगाया था आरोप
पीड़िता की मां ने पुलिस को दिये बयान में कहा था कि 3 जनवरी 2024 की शाम हेमंत कुमार और उसके परिजन उनके घर पहुंचे और उनकी 17 वर्षीय पुत्री को अपने साथ ले गये. इसके बाद परिवार ने थाने में शिकायत दर्ज करायी थी.
पीड़िता ने कोर्ट में सुनायी आपबीती
कोर्ट में दर्ज बयान में पीड़िता ने बताया था कि वह 3 जनवरी 2024 को घर से जलावन लाने निकली थी. इसी दौरान रास्ते में हेमंत कुमार ने उसका मुंह दबा दिया और आंख बांधकर वाहन में बैठा लिया. बाद में जब आंख खुली तो वह एक कमरे में थी. वहां आरोपी की मां भी मौजूद थी. पीड़िता के अनुसार, रोने पर उसे चुप रहने को कहा गया और अगले दिन घर पहुंचाने का भरोसा दिया गया. बाद में आरोपी की मां उसे थाने ले जाकर छोड़ गयी थी.
सात गवाहों की हुई गवाही
विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार ने बताया कि मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल सात गवाहों की गवाही करायी गयी. गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी पाते हुए सजा सुनायी.
