Muzaffarpur News: बेला के बाद अब मुजफ्फरपुर का मोतीपुर औद्योगिक क्षेत्र उत्तर बिहार के नए मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है. चालू वित्तीय वर्ष के शुरुआती पांच महीनों में ही यहां 8 बड़ी कंपनियों को यूनिट लगाने की अंतिम मंजूरी मिल गई है. इन परियोजनाओं के जरिए क्षेत्र में कुल 812.5 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश होने जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे. मोतीपुर, बरियारपुर और डुमरिया इलाकों में अलग-अलग सेक्टर की कंपनियां अपनी इकाइयां स्थापित कर रही हैं.
सीमेंट से लेकर डेयरी और बायोगैस तक की लगेंगी इकाइयां
इस औद्योगिक क्षेत्र का सबसे बड़ा निवेश महवल सीमेंट फैक्ट्री के रूप में आ रहा है, जहां 573 करोड़ रुपये की लागत से प्लांट तैयार होगा. इसके अलावा डूमरिया में 85 करोड़ के निवेश से डेयरी प्रोडक्ट यूनिट और बरियारपुर में 56 करोड़ की लागत से कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट की स्थापना होगी. लखनऊ की एक कंपनी बरियारपुर में 50 करोड़ से पीइबी फैब्रिकेशन यूनिट लगा रही है, जिससे 350 लोगों को रोजगार मिलेगा. डूमरिया में 17 करोड़ से अत्याधुनिक फर्नीचर उद्योग भी शुरू हो रहा है.
बरियारपुर में सूक्ष्म-मध्यम उद्योग और थमेगा पलायन
बरियारपुर सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों का केंद्र बन रहा है. यहां 17 करोड़ से एल्युमीनियम एक्सट्रूजन, 11 करोड़ से एलईडी यूनिट और 3.5 करोड़ की लागत से आयरन गुड्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को मंजूरी मिली है. विशेषज्ञों का मानना है कि इन कंपनियों के आने से मुजफ्फरपुर, चंपारण, सीतामढ़ी और शिवहर के युवाओं को घर के पास ही रोजगार मिलेगा, जिससे दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों की तरफ होने वाले पलायन पर प्रभावी रोक लगेगी.
मुजफ्फरपुर से ललितांशु की रिपोर्ट
