Muzaffarpur News: जिले के सुदूरवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है. अब गंभीर बीमारियों की पैथोलॉजिकल जांच के लिए ग्रामीणों को न तो शहर के चक्कर काटने होंगे और न ही निजी लैब की भारी फीस भरनी होगी. स्वास्थ्य विभाग ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को हाई-टेक बनाने जा रहा है. सदर अस्पताल में अत्याधुनिक मशीनें लगनी शुरू हो गई हैं. उम्मीद है कि इस माह के अंत तक स्वास्थ्य मंत्री इस हाई-टेक लैब का उद्घाटन करेंगे.
क्या है ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल
सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार के अनुसार, सदर अस्पताल को मुख्य ‘हब’ (केंद्रीय लैब) बनाया गया है. जिले के सभी अनुमंडलीय, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इस नेटवर्क से ‘स्पोक’ के रूप में जुड़ेंगे. मरीज अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ही सैंपल जमा कर सकेंगे. वहां से विशेष रनर कोल्ड-चेन बॉक्स में सैंपल लेकर सदर अस्पताल पहुंचाएंगे. इससे मरीजों का समय और किराया दोनों बचेगा.
सात अत्याधुनिक मशीनों से होगी सटीक जांच
सदर अस्पताल की इस लैब को सात प्रकार की फुली ऑटोमेटेड मशीनों से लैस किया जा रहा है. इसमें बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर, हेमेटोलॉजी एनालाइजर और एलाइजा रीडर जैसी मशीनें शामिल हैं. निजी लैब में जिन जांचों के लिए हजारों रुपये लगते थे, वे यहां पूरी तरह नि:शुल्क होंगी. डिजिटल तकनीक से जांच की रिपोर्ट भी अधिक सटीक और विश्वसनीय होगी.
मुजफ्फरपुर से कुमार दीपू की रिपोर्ट
