Muzaffarpur News: मौसम के बदलते मिजाज के बीच निमोनिया, कोल्ड डायरिया और चिकन पॉक्स (छोटी माता) के मामलों में भारी बढ़ोतरी हुई है. संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. सिविल सर्जन (सीएस) डॉ. सुधीर कुमार ने जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों से इन बीमारियों के मरीजों की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है.
IDSP पोर्टल पर अपलोड होगी मरीजों की सूची
सिविल सर्जन के निर्देशानुसार, अब सदर अस्पताल, एसकेएमसीएच, सभी पीएचसी और निजी अस्पतालों को अपने मरीजों की सूची अनिवार्य रूप से ‘इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम’ (IDSP) पोर्टल पर अपलोड करनी होगी. अस्पतालों को न केवल मरीजों की संख्या बतानी होगी, बल्कि यह भी रिपोर्ट देनी होगी कि मरीज कितने दिनों में ठीक हो रहे हैं. इस डेटा ट्रैकिंग का मुख्य उद्देश्य बीमारी के पैटर्न को समझना और महामारी जैसी स्थिति को रोकना है.
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल एसकेएमसीएच और सदर अस्पताल में ग्रामीण इलाकों से गंभीर मरीज पहुंच रहे हैं. सीएस ने स्पष्ट किया है कि ओपीडी और इनडोर मरीजों की सटीक रिपोर्टिंग बेहद जरूरी है. संक्रमण के फैलाव को रोकने और मरीजों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के लिए सभी को कड़े निर्देश दिए गए हैं. रिपोर्टिंग में लापरवाही बरतने वाले स्वास्थ्य केंद्रों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
मुजफ्फरपुर से कुमार दीपू की रिपोर्ट
