Muzaffarpur News: कांटी सुधा डेयरी के दूषित जल पर प्रमंडलीय आयुक्त सख्त, समाधान के लिए बनाईं दो उच्चस्तरीय कमेटियां

कांटी प्रखंड स्थित सुधा डेयरी प्लांट से निकलने वाले केमिकल-युक्त दूषित जल के मामले में प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने सख्त रुख अपनाया है. पर्यावरण नियमों के उल्लंघन पर 'जीरो टॉलरेंस' नीति की घोषणा करते हुए, उन्होंने समस्या के स्थायी समाधान के लिए दो उच्चस्तरीय कमेटियों का गठन किया है.

Muzaffarpur News: कांटी प्रखंड अंतर्गत सुधा डेयरी प्लांट से निकल रहे केमिकल-युक्त दूषित जल की रोकथाम एवं स्थायी समाधान को लेकर तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में कांटी विधायक अजीत कुमार, जिलाधिकारी, डीडीसी, अपर समाहर्ता, तिमूल (सुधा डेयरी), एनएचएआई, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पीएचईडी और रेलवे समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे. प्रमंडलीय आयुक्त ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण नियमों के उल्लंघन पर शून्य सहिष्णुता (जीरो टॉलरेंस) की नीति लागू रहेगी और आम जनता के स्वास्थ्य व जीवन की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

विधायक अजीत कुमार ने उठाया मुद्दा, सालों पुरानी समस्या पर कमिश्नर सख्त

बैठक में कांटी विधायक अजीत कुमार ने सुधा डेयरी के दूषित पानी से स्थानीय ग्रामीणों और किसानों को हो रही गंभीर परेशानियों को प्रमुखता से उठाया.

प्रमंडलीय आयुक्त ने मामले को अत्यंत खेदजनक बताते हुए कहा कि डेयरी से निकलने वाले अपशिष्ट जल में आर्सेनिक, क्लोराइड, फॉस्फेट जैसे हानिकारक रासायनिक पदार्थ मिले होने से कृषि भूमि बर्बाद हो रही है और लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. आयुक्त ने इस समस्या के त्वरित समाधान के लिए प्रभावित क्षेत्र का स्वयं स्थलीय निरीक्षण भी किया.

समस्या के स्थायी समाधान के लिए दो बहु-सदस्यीय कमेटियों का गठन

प्रमंडलीय आयुक्त ने मामले की विस्तृत जांच और कार्ययोजना तैयार करने के लिए दो अलग-अलग उच्चस्तरीय कमेटियों का गठन किया:

  • डीडीसी की अध्यक्षता वाली कमेटी: यह समिति सुधा डेयरी प्लांट के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) की कार्यप्रणाली और निकलने वाले पानी की गुणवत्ता की जांच करेगी. पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता पानी का सैंपल लेकर रासायनिक तत्वों की लैब टेस्टिंग कराएंगे.
  • अपर समाहर्ता (ADM) की अध्यक्षता वाली कमेटी: यह समिति सुधा डेयरी के शोधित जल की सुरक्षित निकासी के लिए उपयुक्त भूमि की उपलब्धता का सर्वे करेगी और भूमि प्रबंधन की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगी.

दोनों कमेटियों में तिमूल, एनएचएआई, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पीएचईडी और रेलवे के अधिकारियों को शामिल किया गया है. कमेटियों को निर्देश दिया गया है कि वे स्थानीय विधायक से सतत संपर्क रखकर उनके सुझाव प्राप्त करें.

15 सितंबर तक काम शुरू करने का लक्ष्य, एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट

प्रमंडलीय आयुक्त ने दोनों कमेटियों के अध्यक्षों को एक सप्ताह के भीतर तथ्यपरक और सारगर्भित जांच रिपोर्ट सौंपने का सख्त निर्देश दिया है.

आयुक्त ने उम्मीद जताई कि जिलावासियों को इस दीर्घकालिक समस्या से शीघ्र निजात मिलेगी. प्रशासन का लक्ष्य है कि प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक जल निकासी संरचनाओं के निर्माण का कार्य 15 सितंबर (आगामी नवरात्र) से पूर्व धरातल पर प्रारंभ कर दिया जाए.

सुधा डेयरी एमडी को निर्देश: शोधित पानी के लिए बनाएं स्टोरेज तालाब

आयुक्त ने सुधा डेयरी के प्रबंध निदेशक को कड़े निर्देश दिए कि जल निकासी की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि अपशिष्ट जल रिहायशी इलाकों या खुले खेतों में न फैले.

प्लांट से निकलने वाले पूरे पानी का नियमानुसार शोधन (ट्रीटमेंट) अनिवार्य है. शोधित पानी के सुरक्षित भंडारण के लिए विभाग के तय मानकों के अनुसार तत्काल स्टोरेज तालाब विकसित करने को कहा गया है. सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने का निर्देश देते हुए आयुक्त ने कहा कि एक सप्ताह बाद वे स्वयं कार्रवाई की प्रगति की समीक्षा करेंगे.

यह भी पढ़ें:मीटर को किया बाईपास, बिजली चोरी करते पकड़े गए चार लोग; विभाग ने दर्ज कराया केस



प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By सुनील कुमार सिंह

सुनील कुमार सिंह प्रभात खबर मल्टीमीडिया में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >