Muzaffarpur News: राज्य के शहरों में कचरा प्रबंधन को लेकर सरकार अब बेहद सख्त रुख अख्तियार करने जा रही है. अगर आप घर या दुकान का कचरा सड़कों पर फेंकते हैं, उसे खुले में जलाते हैं या गीला व सूखा कचरा अलग-अलग नहीं रखते हैं, तो मौके पर ही आपका चालान कट सकता है. ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम (एसडब्ल्यूएम), 2026 को जमीनी स्तर पर कड़ाई से लागू करने के लिए बिहार के सभी नगर निकायों में मोबाइल कोर्ट (भ्रमणशील अदालतें) गठित की जा रही हैं. नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने इस संबंध में राज्य के सभी जिलाधिकारियों को कड़ा आदेश जारी कर दिया है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एक्शन मोड में विभाग
देश में कचरे के अंबार और पर्यावरण को हो रहे नुकसान पर सर्वोच्च न्यायालय ने भोपाल नगर निगम मामले में कड़ा रुख अपनाया था. कोर्ट के आदेश के बाद विभाग ने बिना समय गंवाए इसे अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है. नई व्यवस्था के तहत शहरों में हर दिन मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की टीम विशेष वाहनों से गश्त करेगी और गंदगी फैलाने वालों को रंगेहाथ पकड़कर जुर्माना ठोकेगी. संबंधित नगर निकायों के नगर आयुक्त या नगर कार्यपालक पदाधिकारी इस पूरी टीम के नोडल अफसर होंगे, जो एसबीएम 2.0 के फंड से स्पेशल टीम तैनात करेंगे.
सावधान! इन 4 बड़ी गलतियों पर सीधे होगा एक्शन
- कचरा मिक्स देना: घर या दुकान के स्तर पर कचरे को गीला और सूखा अलग-अलग न करना.
- कचरा जलाना या फेंकना: खुले मैदान, सड़कों या नालों के किनारे कचरा फेंकना अथवा उसमें आग लगाना.
- थोक कचरा उत्पादक: बड़े अपार्टमेंट, होटल, मॉल या अस्पतालों द्वारा कचरा निस्तारण नियमों का पालन न करना.
- कर्मियों की सुरक्षा: सफाई कर्मियों को बिना ग्लव्स, मास्क या अन्य सुरक्षा उपकरणों के काम पर लगाना
मुजफ्फरपुर से देवेश कुमार की रिपोर्ट
