Muzaffarpur News: बिहार सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं को विदेशों में सुरक्षित और वैध रोजगार उपलब्ध कराने के लिए एक बड़ी पहल शुरू की है. इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को फर्जी एजेंटों के चंगुल और धोखाधड़ी से बचाते हुए खाड़ी देशों समेत अन्य देशों में बेहतर अवसर दिलाना है. अब इस महत्वाकांक्षी योजना को गांव-गांव तक पहुंचाने की जिम्मेदारी जीविका नेटवर्क को सौंपी गई है. मुजफ्फरपुर के अवर प्रादेशिक नियोजनालय ने इसके लिए जीविका से सहयोग मांगते हुए जिला परियोजना प्रबंधक को आधिकारिक पत्र जारी किया है.
हर जिले में संसाधन केंद्र और प्रस्थान पूर्व प्रशिक्षण की व्यवस्था
बिहार राज्य समुद्रपार नियोजन ब्यूरो की इस योजना के तहत राज्य के प्रत्येक जिले में ‘उत्प्रवासी संसाधन केन्द्र’ स्थापित किया गया है. यह केंद्र युवाओं को सुरक्षित प्रवासन, आधिकारिक पंजीकरण और करियर काउंसलिंग की सुविधा देगा. सबसे खास बात यह है कि विदेश रवाना होने से पहले युवाओं को ‘पीडीओटी’ (प्रस्थान पूर्व प्रशिक्षण) दिया जाएगा. इस ट्रेनिंग में युवाओं को संबंधित देश के नियम-कानून, भाषा, कार्य संस्कृति और सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी, ताकि उन्हें वहां तालमेल बिठाने में कोई परेशानी न हो.
जीविका दीदियों के जरिए थमेगी फर्जी एजेंटों की ठगी
ग्रामीण इलाकों में जीविका नेटवर्क की मजबूत पकड़ को देखते हुए सरकार स्व-सहायता समूहों और ग्राम संगठनों के माध्यम से व्यापक जागरूकता अभियान चलाएगी. अक्सर देखा जाता है कि विदेश में नौकरी के नाम पर फर्जी एजेंट मोटी रकम वसूल कर युवाओं को ठग लेते हैं. जीविका दीदियों के माध्यम से सही और विश्वसनीय जानकारी गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी, जिससे इस धोखाधड़ी पर लगाम लगेगी और युवाओं को एक सुरक्षित भविष्य मिल सकेगा.
मुजफ्फरपुर से प्रेमांशु शेखर की रिपोर्ट
