Muzaffarpur News: बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण को सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ी पहल की है. अब जमीनी स्तर पर सक्रिय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा घर-घर जाकर कुपोषित बच्चों की पहचान करेंगी. इसके बाद चिन्हित किए गए अति कुपोषित बच्चों को बेहतर इलाज के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) भेजा जाएगा.
घर-घर जाकर मापा जाएगा बच्चों का वजन और लंबाई
इस अभियान के तहत कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों के हर घर का दौरा करेंगी. वे बच्चों का वजन और लंबाई मापेंगी ताकि कुपोषण के सटीक स्तर का पता चल सके. इसके अलावा कार्यकर्ताओं को बांह की गोलाई मापने वाले विशेष टेप और शारीरिक लक्षणों के आधार पर गंभीर व मध्यम कुपोषित बच्चों की पहचान करने की जिम्मेदारी दी गई है. मानक से कम स्वास्थ्य वाले बच्चों को तुरंत सदर अस्पताल स्थित एनआरसी में रेफर किया जाएगा.
NRC में 14 से 21 दिनों तक मिलेगा विशेष पौष्टिक आहार
एनआरसी में भर्ती बच्चों को 14 से 21 दिनों तक विशेषज्ञों की देखरेख में रखा जाता है. यहां उन्हें वैज्ञानिक पद्धति से तैयार डाइट चार्ट के अनुसार विशेष पौष्टिक आहार और मुफ्त चिकित्सीय परामर्श दिया जाएगा. बच्चों के साथ रुकने वाली माताओं को दैनिक वेतन क्षतिपूर्ति के रूप में प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी. कुपोषण बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास को रोकता है, इसलिए एनआरसी में उनके वजन को बढ़ाने और संक्रमण मुक्त बनाने पर विशेष काम किया जाएगा.
मुजफ्फरपुर से कुमार दीपू की रिपोर्ट
