Muzaffarpur Kudhani Mutation: जिले के कुढ़नी अंचल में पूर्व अंचल अधिकारी (सीओ) द्वारा पदभार सौंपने के बाद निपटाए गए 'दाखिल-खारिज' (म्यूटेशन) के मामलों में बड़ा पेंच फंस गया है. जिलाधिकारी ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए एक तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन कर दिया है. जांच टीम को दो दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का सख्त निर्देश दिया गया है.
प्रभार सौंपने के बाद भी दाखिल-खारिज निपटाने का आरोप
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार. तत्कालीन अंचल अधिकारी अनिल कुमार संतोषी ने 04 जुलाई 2026 की अपराह्न में कुढ़नी अंचल का प्रभार नई अंचल अधिकारी नीलम कुमारी को आधिकारिक रूप से सौंप दिया था. आरोप है कि प्रभार सौंपने के बावजूद पिछली तारीखों या प्रभार हस्तांतरण के समय के दौरान बड़े पैमाने पर दाखिल-खारिज के मामलों को निष्पादित किया गया. मामले की भनक लगते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया.
एसडीओ पश्चिमी की अध्यक्षता में बनी तीन सदस्यीय जांच टीम
मामले की निष्पक्ष जांच के लिए डीएम द्वारा गठित जांच कमेटी में मुजफ्फरपुर पश्चिमी के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) को अध्यक्ष बनाया गया है. इसके अलावा भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) पश्चिमी और जिला राजस्व प्रशाखा के प्रभारी पदाधिकारी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.
दो दिनों के भीतर डीएम ने मांगी पूरी रिपोर्ट
जिलाधिकारी ने जांच दल को स्पष्ट हिदायत दी है कि वे कुढ़नी अंचल कार्यालय पहुंचकर प्रभार हस्तांतरण के बाद स्वीकृत या अस्वीकृत किए गए सभी दाखिल-खारिज आवेदनों की गहराई से पड़ताल करें. टीम को यह सुनिश्चित करना होगा कि जांच की पूरी रिपोर्ट अगले दो दिनों के भीतर जिलाधिकारी कार्यालय को सौंप दी जाए. जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है.
