Muzaffarpur News: नगर निगम की जन्म-मृत्यु शाखा के कार्यों को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है. शाखा की समीक्षा बैठक के बाद उप नगर आयुक्त अमित कुमार के निर्देश पर दो अलग-अलग आदेश जारी किए गए हैं. अब मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित प्रत्येक आवेदन की जांच रिपोर्ट सात कार्य दिवस के भीतर उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा.
सात कार्य दिवस में देनी होगी जांच रिपोर्ट
समीक्षा के दौरान पाया गया कि कर संग्रहकर्ताओं की ओर से समय पर जांच रिपोर्ट नहीं देने के कारण आम लोगों को मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने में अनावश्यक देरी हो रही है. इसे गंभीरता से लेते हुए निर्देश जारी किया गया है कि आवेदन प्राप्त होने की तिथि से सात कार्य दिवस के भीतर सभी कर संग्रहकर्ता जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट जन्म-मृत्यु शाखा को उपलब्ध कराएं.
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि आदेश का पालन नहीं करने वाले कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
शिकायत के बाद हुई समीक्षा
नगर निगम को जन्म-मृत्यु शाखा में कार्यों में अनियमितता और लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान किए जाने की शिकायतें मिली थीं. इसके बाद शाखा की समीक्षा कर व्यवस्था में सुधार के लिए कार्रवाई शुरू की गई है.
पांच महीने तक लंबित रही फाइल, मांगा जवाब
समीक्षा के दौरान वार्ड संख्या-38 के कर संग्रहकर्ता चंद्र प्रकाश राणा की लापरवाही भी सामने आई. उन्हें 20 फरवरी को बीबी नजमा खातून के पति स्वर्गीय अब्दुल गफ्फार के मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदन की जांच सौंपी गई थी, लेकिन लगभग पांच महीने बीत जाने के बाद भी जांच रिपोर्ट शाखा को उपलब्ध नहीं कराई गई.
इस मामले को गंभीर मानते हुए उप नगर आयुक्त ने संबंधित कर संग्रहकर्ता से 24 घंटे के भीतर कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज) का जवाब देने का निर्देश दिया है. साथ ही कहा गया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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