Muzaffarpur News: छात्र आंदोलन और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए प्रशासन द्वारा इंटरनेट सेवा प्रतिबंधित किए जाने का असर शुक्रवार शाम से शहर के बाजारों और आम लोगों की दिनचर्या पर साफ दिखाई देने लगा. इंटरनेट सेवा बंद होते ही यूपीआई आधारित सभी डिजिटल भुगतान ठप हो गए, जिससे कारोबार प्रभावित हुआ और बड़ी संख्या में ग्राहकों को बिना खरीदारी किए लौटना पड़ा.
यूपीआई और बैंकिंग ऐप ने करना बंद किया काम
इंटरनेट सेवा बंद होने के बाद गूगल पे, फोनपे, पेटीएम, भीम यूपीआई समेत विभिन्न बैंकिंग ऐप के माध्यम से होने वाले डिजिटल भुगतान प्रभावित हो गए. दुकानों पर लगे क्यूआर कोड निष्क्रिय हो गए और नकदी नहीं होने के कारण कई ग्राहक आवश्यक सामान, राशन और दवाइयों की खरीदारी नहीं कर सके.
व्यापारियों का कहना है कि अब अधिकांश ग्राहक ऑनलाइन भुगतान करते हैं. डिजिटल भुगतान बंद होने से खुदरा कारोबार पर सीधा असर पड़ा है और कई ग्राहकों को वापस लौटना पड़ा.
एटीएम पर भी लोगों को हुई परेशानी
डिजिटल भुगतान ठप होने के बाद लोग नकदी निकालने के लिए एटीएम पहुंचे, लेकिन अधिकांश एटीएम भी सेवा नहीं दे सके. केवल वही एटीएम संचालित रहे जो बैंक के आंतरिक नेटवर्क या समर्पित लाइन से जुड़े थे, जबकि इंटरनेट या ब्रॉडबैंड आधारित अधिकांश एटीएम प्रभावित रहे.
बैंक अधिकारी ने बताई वजह
बिहार सेंट्रल बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के महामंत्री मृत्युंजय मिश्रा ने बताया कि इंटरनेट सेवा बाधित रहने से डिजिटल लेनदेन पूरी तरह प्रभावित है. उन्होंने कहा कि बैंक शाखाओं से जुड़े इंटरनल सर्वर वाले एटीएम संचालित रह सकते हैं, जबकि अधिकांश ऑफसाइट एटीएम इंटरनेट आधारित होने के कारण प्रभावित होते हैं. साथ ही अगले दो दिनों तक बैंक अवकाश रहने से लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है.
पेट्रोल पंपों और बाजार में दिखा असर
डिजिटल भुगतान बंद होने का असर पेट्रोल पंपों पर भी देखने को मिला. नकदी नहीं होने के कारण कई ग्राहक बिना ईंधन लिए लौट गए, जबकि कुछ लोगों ने उपलब्ध नकदी के अनुसार कम मात्रा में पेट्रोल या डीजल खरीदा.
शहर के विभिन्न बाजारों के व्यापारियों ने बताया कि शाम के समय सबसे अधिक खुदरा बिक्री होती है, लेकिन डिजिटल भुगतान बंद होने से कारोबार काफी प्रभावित हुआ. कई दुकानदारों ने केवल परिचित ग्राहकों को ही उधार पर सामान दिया, जबकि नए ग्राहकों को लौटाना पड़ा.
