21 साल से वही स्वाद… मुजफ्फरपुर के इस समोसे के लिए आज भी दूर-दूर से पहुंचते हैं लोग

Muzaffarpur Famous Samosa: मुजफ्फरपुर के दामू चौक का बिना लहसुन-प्याज वाला मशहूर समोसा पिछले 21 साल से लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. जानिए इसकी खासियत, कीमत और ग्राहकों की राय.

मुजफ्फरपुर से रजनीश कुमार की रिपोर्ट

Muzaffarpur Famous Samosa: मुजफ्फरपुर की पहचान सिर्फ शाही लीची तक सीमित नहीं है. शहर के दामू चौक का एक छोटा सा समोसे का ठेला भी पिछले दो दशकों से लोगों के दिलों पर राज कर रहा है. बिना लहसुन और प्याज से तैयार होने वाला यह समोसा आज भी अपने पुराने स्वाद की वजह से दूर-दूर से लोगों को यहां खींच लाता है.

साल 2005 में शुरू हुई इस दुकान पर उस समय समोसे की कीमत सिर्फ 4 रुपये प्रति पीस थी. महंगाई बढ़ने के साथ इसकी कीमत अब 7 रुपये हो गई है, लेकिन स्वाद में आज भी वही पुरानी पहचान कायम है.

समोसा बनाते कारीगर

यह भी पढ़ें: आलू की खेती से लाखों कमाना चाहते हैं? कृषि वैज्ञानिक ने बताए बंपर मुनाफे के आसान तरीके

एल.एस. कॉलेज के छात्रों का था पसंदीदा ठिकाना

एक समय ऐसा था जब एल.एस. कॉलेज और आसपास की कोचिंग में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए यह दुकान सबसे पसंदीदा नाश्ते का अड्डा हुआ करती थी. क्लास खत्म होते ही यहां समोसा खाने वालों की लंबी कतार लग जाती थी.

आज भी सुबह से लेकर रात तक यहां लोगों की आवाजाही बनी रहती है. पुराने ग्राहक अब भी उसी स्वाद के लिए यहां पहुंचते हैं.

ग्राहकों ने क्या कहा?

एक ग्राहक बताते हैं कि वह बचपन से यहां समोसा खा रहे हैं. जब कोचिंग पढ़ते थे, तभी से इस दुकान का स्वाद उनके साथ जुड़ा हुआ है.

उनका कहना है कि यहां का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि समोसा बिना लहसुन और प्याज के बनाया जाता है, फिर भी इसका स्वाद बेहद अलग और लाजवाब होता है.

एक अन्य ग्राहक बताते हैं कि वह करीब 21 साल से यहां समोसा खा रहे हैं. पहले जब इसकी कीमत 4 रुपये थी, तब यहां काफी भीड़ रहती थी. अब कीमत बढ़कर 7 रुपये हो गई है, लेकिन स्वाद की वजह से पुराने ग्राहक आज भी जुड़े हुए हैं.

समोसे का आनंद लेते ग्राहक

यह भी पढ़ें: हर साल क्यों डूब जाता है मुजफ्फरपुर? नेपाल से लेकर बूढ़ी गंडक तक जानिए बाढ़ की पूरी कहानी

Muzaffarpur Street Food: ठेले से शुरू हुआ था सफर

दुकान संचालक बताते हैं कि शुरुआत एक छोटे से ठेले से हुई थी. धीरे-धीरे लोगों का भरोसा बढ़ा और आज यह दुकान इलाके की पहचान बन चुकी है.

उनका कहना है कि समोसे की सबसे बड़ी खासियत इसका मसाला और बिना लहसुन-प्याज का स्वाद है. यही वजह है कि लोग बार-बार यहां लौटकर आते हैं.

दामू चौक का फेमस समोसा

सिर्फ समोसा ही नहीं, लिट्टी भी है खास

दुकान पर समोसे के अलावा लिट्टी भी मिलती है. सुबह करीब 10 बजे से रात 8 बजे तक दुकान खुली रहती है और पूरे दिन नाश्ता करने वालों की भीड़ लगी रहती है.

दूर-दूर से पहुंचते हैं ग्राहक

दुकानदार के अनुसार उनके यहां अखाड़ाघाट, भगवानपुर, अमगोला, गोबरसही, बीबीगंज, माड़ीपुर समेत शहर के कई इलाकों से लोग समोसा खाने आते हैं.

महंगाई का असर बिक्री पर जरूर पड़ा है, लेकिन स्वाद के दीवानों की संख्या आज भी कम नहीं हुई है. मुजफ्फरपुर आने वाले कई लोग दामू चौक पहुंचकर इस मशहूर समोसे का स्वाद लेना नहीं भूलते.

यह भी पढ़ें: साहेबगंज विधायक राजू कुमार सिंह को 4 साल की सजा, जाएगी विधायकी; हर्ष फायरिंग केस में कोर्ट का फैसला

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Aaruni Thakur

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >