मुजफ्फरपुर में 5.64 लाख लंबित चालान, अब तक सिर्फ 7960 का हुआ प्री-वेरिफिकेशन, दो दिन बाकी

मुजफ्फरपुर में 12 सितंबर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में 5.64 लाख लंबित ई-चालानों पर 50% तक की छूट का लाभ उठाया जा सकता है. अब तक केवल 7960 चालानों का प्री-वेरिफिकेशन हुआ है, ऐसे में वाहन मालिकों के पास यह बड़ा मौका है. यह प्रक्रिया 11 सितंबर तक चलेगी.

मुजफ्फरपुर: 12 सितंबर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर ई-चालान के प्री-वेरिफिकेशन की प्रक्रिया जारी है. चौथे दिन बुधवार को सिविल कोर्ट एरिया परिसर स्थित डालसा कैंपस में 2519 चालान का प्री-वेरिफिकेशन किया गया. संबंधित वाहन मालिकों को टोकन जारी कर जमा की जाने वाली राशि की जानकारी दी गयी.

चार दिनों में कुल 7960 चालान का प्री-वेरिफिकेशन हो चुका है. इनमें 7798 ट्रैफिक और 162 परिवहन से जुड़े चालान हैं. ये चालान कुल 2827 वाहनों से संबंधित हैं.

जिले में 5.64 लाख चालान लंबित, एक प्रतिशत भी नहीं पहुंचे

जिले में कुल लंबित चालान की संख्या करीब 5.64 लाख बतायी जा रही है. इनमें अकेले करीब 5.45 लाख ट्रैफिक चालान हैं. इसके मुकाबले अब तक प्री-वेरिफिकेशन के लिए पहुंचने वाले वाहन मालिकों की संख्या काफी कम है.

चार दिनों में 2827 वाहनों के 7960 चालान का सत्यापन हुआ है. यानी लंबित चालानों की कुल संख्या के अनुपात में अब तक एक प्रतिशत लोग भी सत्यापन के लिए नहीं पहुंचे हैं. हालांकि, वाहन मालिकों के पास अभी दो दिन का मौका है. प्री-वेरिफिकेशन की प्रक्रिया 11 सितंबर तक चलेगी.

सुबह से ही लग रही वाहन मालिकों की कतार

जिला जज सह सत्र न्यायाधीश श्वेता कुमारी सिंह के निर्देश पर परिवहन और ट्रैफिक विभाग की ओर से अलग-अलग काउंटर लगाये गये हैं. सुबह करीब साढ़े नौ बजे से ही काउंटरों पर लोगों की कतार लगने लगती है.

लंबित चालान से संबंधित वाहन मालिक चालान की कॉपी लेकर काउंटर पर पहुंच रहे हैं. दस्तावेज और चालान का सत्यापन करने के बाद उन्हें टोकन दिया जा रहा है. साथ ही जमा की जाने वाली राशि की जानकारी दी जा रही है.

जिला परिवहन पदाधिकारी प्रियंका सिन्हा भी प्रतिदिन व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रही हैं. ट्रैफिक चालानों की संख्या अधिक होने के कारण विभाग की ओर से अतिरिक्त पदाधिकारियों और ऑपरेटरों की ड्यूटी लगायी गयी है, ताकि अधिक से अधिक चालानों का सत्यापन किया जा सके.

परिवहन विभाग की ओर से ईएसआई चंदन, प्रोग्रामर सुधांशु दुबे, प्रवीण तिवारी और गौरव समेत अन्य कर्मी सहयोग कर रहे हैं. बुधवार को ट्रैफिक चालान सत्यापन की प्रक्रिया में भी तेजी लायी गयी.

17 धाराओं में 50 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान

राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत सरकार की ओर से 17 धाराओं में काटे गये चालान में करीब 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है. वाहन मालिक 11 सितंबर तक प्री-वेरिफिकेशन करा सकते हैं, जिसके बाद 12 सितंबर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में संबंधित चालान के निपटारे की प्रक्रिया पूरी की जायेगी.

गलत चालान का लोक अदालत में नहीं होगा डिस्पोजल

गलती से काटे गये चालान का निपटारा राष्ट्रीय लोक अदालत में नहीं किया जायेगा. इसके लिए परिवहन और ट्रैफिक विभाग की ओर से अलग SOP निर्धारित है.

उदाहरण के तौर पर यदि किसी बाइक पर गलती से सीट बेल्ट का चालान कट गया है और चालान में दर्ज नंबर वास्तव में उसी बाइक का है, तो वाहन मालिक को ऑनरबुक समेत वाहन से संबंधित सभी दस्तावेजों के साथ ट्रैफिक डीएसपी के पास आवेदन देना होगा. सत्यापन के बाद ट्रैफिक डीएसपी गलत चालान को रद्द करने के लिए उसे एसटीसी के पास अग्रसारित करेंगे.

गलत नंबर पर कटा चालान कैसे होगा ट्रांसफर

यदि चालान में दर्ज वाहन नंबर ही गलत है, तो उसके सुधार की प्रक्रिया भी अलग होगी. उदाहरण के तौर पर यदि किसी कार के 5483 नंबर की जगह गलती से 5488 नंबर पर चालान दर्ज हो गया और वह बाइक पर सीट बेल्ट का चालान है, तो सत्यापन के बाद उसे संबंधित सही कार के नंबर पर ट्रांसफर कराया जा सकेगा.

इसके लिए वाहन मालिक को संबंधित वाहन के कागजात के साथ ट्रैफिक डीएसपी के पास आवेदन देना होगा. सत्यापन के बाद ट्रैफिक डीएसपी चालान को सही वाहन मालिक के नंबर पर ट्रांसफर करने के लिए आवेदन डीटीओ के पास अग्रसारित करेंगे.

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By Kumar gaurav

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