रिश्तों का कत्ल: भाई-भाभी का कत्ल कर केदारनाथ-बद्रीनाथ में 'पाप' धोने पहुंचा कातिल भाई, बनारस में दबोचा गया

मुजफ्फरपुर दोहरे हत्याकांड का आरोपी भाई-भाभी की हत्या के बाद तीर्थ यात्रा पर निकला था। पुलिस ने बनारस से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जानें पूरी खबर।

Double Murder Case: मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा में लालच और नफरत की एक ऐसी दिल दहला देने वाली दास्तान सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं और खून के रिश्तों को तार-तार कर दिया. जिस सगे भाई की उंगली पकड़कर बचपन बीता, उसी भाई और उसकी बेकसूर पत्नी को जमीन के चंद टुकड़ों की खातिर मौत के घाट उतार दिया गया. हत्या की इस रूह कंपा देने वाली वारदात के बाद आरोपी भाई अविनाश उर्फ अनुज को न तो कोई पछतावा था और न ही कानून का खौफ. भाई-भाभी के खून से सने हाथों को लेकर वह सीधे झारखंड के देवघर पहुंचा, जहां बाबा बैद्यनाथ के दर पर माथा टेका. इसके बाद वह पाप धोने की उम्मीद लिए केदारनाथ, बद्रीनाथ और हरिद्वार के पवित्र धामों की यात्रा पर निकल गया.

पवित्र तीर्थों में मांगी पापों से मुक्ति, बनारस में पहचान बदलकर छिपता रहा

धार्मिक स्थलों की चौखट पर माथा टेकने के बाद भी जब अंतरात्मा का डर और पुलिस का खौफ कम नहीं हुआ, तो शातिर हत्यारे ने बनारस की संकरी गलियों में शरण ली.

  • वेश बदलकर फरारी: बनारस में उसने अपना पूरा हुलिया बदला और पुलिस की नजरों से बचने के लिए सामान्य नौकरी ढूंढने लगा.
  • पुलिस को देता रहा चकमा: ब्रह्मपुरा पुलिस की विशेष टीम ने दो बार बनारस में छापेमारी की, लेकिन शातिर कातिल ऐन मौके पर ठिकाना बदल लेता था.
  • 23 अगस्त को शिकंजा: तकनीकी सर्विलांस और सटीक सूचना तंत्र के दम पर आखिरकार पुलिस ने 23 अगस्त को उसे बनारस से गिरफ्तार कर लिया.

'मुझे भाई को मारने का कोई अफसोस नहीं': थाने में कातिल के बोल सुन कांप उठी रूह

पुलिस हिरासत में आते ही अनुज ने जो जुर्म कबूला, उसने सुनने वालों के रोंगटे खड़े कर दिए. 19 मई की काली रात पुश्तैनी जमीन के बंटवारे को लेकर उपजा विवाद इस कदर वहशीपन में बदला कि उसने दोनों को बेरहमी से मौत की नींद सुला दिया. पुलिस के सामने उसने बेखौफ अंदाज में कहा कि उसे अपने सगे भाई को खत्म करने का रत्ती भर भी मलाल नहीं है.

कंबल में लपेटकर मरे जानवरों के बीच फेंकी लाशें, कार के खून ने खोला राज

  • अमानवीय साजिश: दोनों की जान लेने के बाद दुर्गंध दबाने के लिए शवों को पहले बेडशीट और फिर मोटे कंबल में बांधा, ताकि किसी को भनक न लगे.
  • कूड़ेदान में फेंक दी जिंदगी: शवों को बोचहां के कर्णपुर उत्तरी में उस सुनसान जगह पर फेंक आया, जहां गांव के मरे हुए मवेशी फेंके जाते थे.
  • सीसीटीवी और फोरेंसिक साक्ष्य: 19 मई की रात करीब 3 बजे घर से निकली कार के फुटेज और उसमें मिले इंसानी खून के धब्बों ने कत्ल की पूरी कहानी बेनकाब कर दी.

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By Chandan

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