Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर के सरैयागंज निवासी एक व्यवसायी साइबर ठगी का शिकार होने के बाद अब अपनी ही रकम वापस पाने के लिए सिस्टम की उदासीनता झेल रहे हैं. अदालत के स्पष्ट आदेश के बावजूद साइबर थाना पुलिस पीड़ित को होल्ड की गई 3.31 लाख रुपये की राशि वापस दिलाने में टालमटोल कर रही है.
निवेश के नाम पर 19.6 लाख की ठगी
पीड़ित व्यवसायी गणेश कुमार ने बताया कि पिछले साल उनके व्हाट्सएप पर एक अनजान नंबर से निवेश से जुड़े मैसेज आए थे. इसके बाद साइबर अपराधियों ने वर्चुअल करेंसी और म्यूचुअल फंड में निवेश पर 10 गुना मुनाफे का झांसा देकर उनसे अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करा लिए.
इस तरह उनसे कुल 19.6 लाख रुपये की ठगी कर ली गई. ठगी का अहसास होने के बाद उन्होंने नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई. कार्रवाई के दौरान विभिन्न बैंक खातों में 3.31 लाख रुपये होल्ड करा दिए गए. इसके बाद उन्होंने 28 मार्च को साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई.
कोर्ट के आदेश के बाद भी अटकी रकम
राशि वापसी के लिए गणेश कुमार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया. सुनवाई के दौरान साइबर पुलिस ने भी राशि वापसी पर कोई आपत्ति नहीं जताई. इसके बाद 22 जनवरी को प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी मणि शंकर मणि ने साइबर थाने के थानेदार और जांच अधिकारी को बैंक से समन्वय कर पीड़ित को राशि वापस दिलाने का आदेश दिया.
हालांकि आदेश के बावजूद व्यवसायी पिछले तीन महीनों से बैंक और साइबर थाने के चक्कर काट रहे हैं. बैंक के सहयोग से एक खाते में होल्ड 42 हजार रुपये तो वापस मिल गए, लेकिन बाकी राशि अब भी अटकी हुई है.
पिता हार्ट अटैक के बाद अस्पताल में भर्ती हैं
पीड़ित ने बताया कि उनके पिता हार्ट अटैक के बाद अस्पताल में भर्ती हैं और इलाज के लिए पैसों की जरूरत है. शुक्रवार को वह अपनी मां के साथ साइबर थाने पहुंचे थे, लेकिन वहां कथित तौर पर पुलिसकर्मियों ने बदसलूकी करते हुए उन्हें थाने से बाहर कर दिया.
इसके बाद गणेश कुमार ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई.
बैंक की लापरवाही से नहीं मिल रहे पैसे- डीएसपी
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार को हस्तक्षेप कर पीड़ित की राशि वापस दिलाने का निर्देश दिया है.
वहीं साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने कहा कि होल्ड राशि लौटाने के लिए कई बार बैंक को रिमाइंडर भेजा गया है. उन्होंने दुर्व्यवहार के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि थाने पर आने वाले लोगों की समस्याएं सुनी जाती हैं और उनका समाधान किया जाता है.
मुजफ्फरपुर से सुमित कुमार की रिपोर्ट
