Muzaffarpur Central Jail: शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा और इसके अधीन आने वाले सभी मंडल एवं उपकाराओं की सुरक्षा व्यवस्था अब और हाईटेक होने जा रही है. कारा एवं सुधार सेवाएं विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए कुल 1283 हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रशासनिक स्वीकृति दी है. इस योजना के तहत अकेले मुजफ्फरपुर केंद्रीय कारा में 415 अत्याधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे.
तिहाड़ जेल मॉडल पर मजबूत होगी सुरक्षा
कारा विभाग के अनुसार दिल्ली की तिहाड़ जेल और हिमाचल प्रदेश के सुरक्षा मॉडल के आधार पर यह व्यवस्था लागू की जा रही है. जेल परिसर के वार्ड, हाई सिक्योरिटी सेल, अस्पताल, मुख्य द्वार, मुलाकात कक्ष, रसोईघर और बाहरी परिसर में कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि कोई भी हिस्सा ब्लाइंड स्पॉट न रहे.
अन्य जेलों में भी लगेंगे हाईटेक कैमरे
योजना के तहत दरभंगा मंडल कारा में 110, मधुबनी में 58, सीतामढ़ी में 120, शिवहर में 85, समस्तीपुर में 110, रोसड़ा उपकारा में 98, दलसिंहसराय में 96, बेनीपुर में 48, झंझारपुर में 50 और बेनीपट्टी उपकारा में 93 कैमरे लगाए जाएंगे.
डिजिटल रिकॉर्डिंग से बढ़ेगी पारदर्शिता
कैमरों के जरिए बंदियों की गतिविधियों के साथ-साथ जेल कर्मियों और मुलाकातियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी. इससे प्रतिबंधित सामानों की तस्करी, गुटबाजी और अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा. सभी कैमरे सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम से 24 घंटे मॉनिटर किए जाएंगे.
जल्द शुरू होगा स्थापना कार्य
सेंट्रल जेल अधीक्षक युसूफ रिजवान ने बताया कि सभी जेलों में कैमरे लगाने के लिए स्थान चिन्हित कर लिए गए हैं. मुख्यालय से राशि भी उपलब्ध हो चुकी है और जल्द ही कैमरे लगाने का कार्य शुरू किया जाएगा. कैमरों में हाई-रेजोल्यूशन रिकॉर्डिंग, एक्टिविटी सेंसर, एडवांस वीडियो रिकॉर्डर और मूवमेंट ट्रैकिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी.
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