AHTU Police Thana: मुजफ्फरपुर में बच्चों और महिलाओं की तस्करी करने वाले सिंडिकेट की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है. पुलिस प्रशासन ने मासूमों की सुरक्षा और तस्करों के नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के लिए 'ऑपरेशन कवच' के तहत पूरी ताकत झोंक दी है. जिले में मानव तस्करी के खिलाफ जंग लड़ने के लिए विशेष एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की कमान संभाल ली गई है. जल्द ही मुजफ्फरपुर में एएचटीयू का एक पूरी तरह समर्पित और अलग थाना भी धरातल पर उतरेगा. फिलहाल यह हाई-टेक विंग नगर क्षेत्र के महिला थाना परिसर से तस्करों के खिलाफ चक्रव्यूह रच रही है.
स्पेशल क्राइम डीएसपी के हाथों में कमान: एक्शन में स्पेशल टीम
इस संवेदनशील और महत्वपूर्ण मिशन को मुकाम तक पहुंचाने के लिए स्पेशल क्राइम डीएसपी अनंत राम को नोडल अधिकारी बनाया गया है. इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों की निगरानी में गठित यह स्पेशल दस्ता न सिर्फ शहर से लेकर सुदूर गांवों तक गश्त कर रहा है, बल्कि घर-घर जाकर लोगों को तस्करों की चालबाजियों से सतर्क भी कर रहा है.
4 महीने से गायब बच्चों का केस सीधे स्पेशल विंग के पास
लापता बच्चों को तलाशने के लिए पुलिस ने नियमों में बड़ा सुधारात्मक बदलाव किया है:
- यदि कोई बच्चा 4 महीने तक नहीं मिलता है, तो स्थानीय थाने से केस स्वतः एएचटीयू को ट्रांसफर हो जाएगा.
- एएचटीयू की स्पेशल टीम ऐसे गंभीर मुकदमों की नए सिरे से जांच कर बच्चों की बरामदगी सुनिश्चित करेगी.
- पटना, दरभंगा और गया एयरपोर्ट के साथ-साथ राज्य की सीमाओं पर 24 घंटे कड़ी चौकसी बरती जा रही है.
'मिशन वात्सल्य Portal' से अंतरराज्यीय गैंग्स पर कसता शिकंजा
मुजफ्फरपुर समेत बिहार के सभी 1196 थानों को 'मिशन वात्सल्य पोर्टल' से जोड़ दिया गया है. इसके जरिए देश भर में गायब और बरामद बच्चों का रियल-टाइम डेटा साझा हो रहा है. इससे दूसरे राज्यों में छिपे तस्कर गिरोहों को बेनकाब करना बेहद आसान हो गया है.
'ऑपरेशन कवच': अब सीधे दर्ज होगी एफआईआर
पूरे बिहार में बाल तस्करी और शोषण के खिलाफ 44 एएचटीयू यूनिट्स मुस्तैद की गई हैं. मुजफ्फरपुर में अलग थाना शुरू होते ही बाल मजदूरी, जबरन देह व्यापार और मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराधों पर बिना किसी देरी के सीधी एफआईआर दर्ज कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.
ये भी पढ़ें: अभेद्य किले में अपने ही सुरक्षा गार्ड की धोखेबाजी: 29 साल बाद भुटकुन शुक्ला के कातिल दीपक को उम्रकैद
