मुजफ्फरपुर में गूंजे सुर: सुरंगमा कला केंद्र की कार्यशाला में बच्चों ने सीखे संगीत से तनाव मुक्ति के मंत्र

मुजफ्फरपुर के जिला स्कूल में 'संगीत एवं तनाव प्रबंधन' विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया. विद्यार्थियों को संगीत के माध्यम से मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ाने के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए. परीक्षा के तनाव से मुक्ति के सरल उपाय बताए गए.

Zila school Muzaffarpur event: मुजफ्फरपुर के सुरंगमा कला केंद्र के तत्वावधान में शनिवार को "संगीत एवं तनाव प्रबंधन" विषय पर एक विशेष निःशुल्क कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया. यह पूरा कार्यक्रम दो अलग-अलग सत्रों में संपन्न हुआ, जिसमें विद्यार्थियों को संगीत के जरिए मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ाने के व्यावहारिक गुर सिखाए गए.

दो सत्रों में हुआ भव्य आयोजन

कार्यशाला का प्रथम सत्र पूर्वाह्न 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक जिला स्कूल के सभागार में आयोजित हुआ. इसका उद्घाटन प्राचार्य डॉ. जीबू कुमार झा एवं सुरंगमा कला केंद्र की निदेशक डॉ. पुष्पा प्रसाद ने संयुक्त रूप से किया. कार्यक्रम की शुरुआत कलाकारों द्वारा प्रस्तुत 'वंदे मातरम्' के सामूहिक गायन से हुई. इसके बाद द्वितीय सत्र अपराह्न 3:00 बजे से 5:00 बजे तक किलकारी बाल भवन के सभागार में आयोजित किया गया.

सांस और स्वर से दूर होगा परीक्षा का तनाव

कार्यशाला की मुख्य संचालक, वरिष्ठ कलाकार एवं वॉइस आर्टिस्ट सुश्री निमिषा शंकर ने विद्यार्थियों को व्यावहारिक उपाय बताए. उन्होंने साँस, स्वर, गुनगुनाहट (हम्मिंग), तानपुरे के सुर पर ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ भ्रामरी जैसे सरल अभ्यास कराए. निमिषा शंकर ने कहा कि हमारा शरीर स्वयं एक वाद्य यंत्र की तरह है, जिसमें साँस उसकी धौंकनी और स्वर उसकी आत्मा है. इन अभ्यासों से परीक्षा का तनाव, मानसिक दबाव तथा दैनिक जीवन की चुनौतियों का सामना सहजता से किया जा सकता है. किलकारी बाल भवन की निदेशिका श्रीमती पूनम ने भी बच्चों के मानसिक व रचनात्मक विकास में इस पहल को बेहद प्रभावी बताया.

'बटोहिया' के सुमधुर गायन से बंधा समां

कार्यक्रम के अंतिम चरण में केंद्र के प्रशिक्षक डॉ. सिद्धि शंकर मिश्र ने विद्यार्थियों को प्रार्थना एवं राष्ट्रीय गीत का अभ्यास कराया. समापन के अवसर पर सुरंगमा कला केंद्र की निदेशक डॉ. पुष्पा प्रसाद ने धन्यवाद ज्ञापन दिया और विद्यार्थियों से विद्यालय परिसर को स्वच्छ व हराभरा बनाए रखने का आह्वान किया. उन्होंने भोजपुरी के प्रसिद्ध राष्ट्रगीत "बटोहिया" का सुमधुर गायन प्रस्तुत कर उपस्थित सभी लोगों को भाव-विभोर कर दिया. इस कार्यशाला में शहर के अनेक गणमान्य लोगों, शिक्षकों और अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता रही


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Deepak

Published by: Sumit Kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >